नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। कुलभूषण जाधव के मामले में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) का फैसला लागू करने में आनाकानी पाकिस्तान को भारी पड़ सकती है। ICJ में भारत का पक्ष रखने वाले वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने इस मामले में पाकिस्तान को चेताया है।

उन्होंने कहा कि अगर पाक ने फैसले को तोड़ मरोड़ कर पेश करने की कोशिश की या उसे सही तरीके से लागू करने में विफल रहा तो भारत के पास ICJ में वापस जाने या फिर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जाने का विकल्प खुला हुआ है।

ICJ में पाकिस्तान का झूठ बेनकाब करने वाले साल्वे का यह बयान भारत की भावी रणनीति की ओर भी इशारा करता है। यह इसलिए भी अहम है क्योंकि मजबूर पाकिस्तान अब भी ICJ के फैसले को अपने हक में बता रहा है।

अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि पाक फिर से जाधव की सुनवाई सैन्य अदालत में ही करेगा या सामान्य अदालत में। लंदन में पत्रकारों से बात करते हुए साल्वे ने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान अब गलती नहीं करेगा। उन्होंने कहा, 'अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने साफ तौर पर पाकिस्तान के रवैये को खारिज किया है। अब सबकी नजरें पाकिस्तान के कदम पर रहेंगी। लिहाजा उसे फैसले के अनुरूप ही काम करना चाहिए। अगर फिर भी वह गड़बड़ी करता है तो भारत ICJ में भी जा सकता है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी।'

संसद में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी स्पष्ट किया है कि जाधव के हितों की रक्षा के लिए सरकार कोई कोताही नहीं करेगी।

एक सवाल के जवाब में साल्वे ने कहा कि पाकिस्तान ने भारत को आतंक को बढ़ावा देने वाले देश के रूप में पेश करने के लिए कई कुतर्क दिए। उसने जिस तरह के शब्दों का प्रयोग किया, उनका प्रयोग भारत की परंपरा का हिस्सा ही नहीं है। पाक के तमाम कुतर्को के बावजूद अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने अपने फैसले में साफ कर दिया कि पाकिस्तान गलत था। साल्वे ने कहा, 'मुझे इसका संतोष है।'

गौरतलब है कि 15:1 के फैसले में पाकिस्तान का पक्ष खारिज होने के बावजूद पाक प्रधानमंत्री इमरान खान ने इसे परोक्ष रूप से अपनी जीत ही करार दिया है। उनका कहना है कि न्यायालय ने जाधव को निर्दोष बताकर छोड़ने का फैसला नहीं दिया। जाधव पाकिस्तान की जनता का दोषी है और कानून के अनुसार पाक आगे बढ़ेगा।

Posted By: Dhyanendra Singh