गगन कोहली, राजौरी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का हर दांव उनपर उल्टा पड़ रहा है। पहले अंतरराष्ट्रीय मंच पर कश्मीर को लेकर दांव खेला, लेकिन मुंह की खानी पड़ी। वहीं, अब नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार करने के लिए लोगों को उकसाने के अपने दांव में भी इमरान खुद फंसते नजर आ रहे हैं। क्योंकि मार्च में शामिल हुए गुलाम कश्मीर के युवा अब वापस जाने को तैयार नहीं हो रहे हैं। इमरान ट्वीट पर ट्वीट कर रहे हैं और उनके मंत्री और अधिकारी प्रदर्शनकारियों की आव-भगत करने में लगे हैं।

गले की फांस बना इमरान का ड्रामा 

चार अक्टूबर को गुलाम कश्मीर के कोटली से लोगों को गुमराह और उकसाकर आतंकी संगठन जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के बैनर तले मार्च निकाला गया। इसमें एलान किया कि चकोटी से सीमा पार करके कश्मीर जाएंगे। चार दिन से गुलाम कश्मीर में चल रहा यह ड्रामा अब इमरान सरकार के गले की फंस बन चुका है।

 प्रदर्शकारियों को मनाने में जुटे सूचना मंत्री 

प्रदर्शनकारियों को वापस भेजने के लिए गुलाम कश्मीर के सूचना मंत्री और कई अधिकारी जकसोल पहुंचे। पुलिस ने एलओसी जाने वाले मार्ग को बंद कर दिया है, लेकिन लोग वहीं पर बैठ गए हैं। मंत्री ने जेकेएलएफ नेताओं के साथ युवाओं से घर लौटने को कहा है। वहीं, लोगों को कहना है कि वह एलओसी पार करेंगे। प्रदर्शनकारियों के लिए खाद्य सामग्री भी भेजी गई है। सूत्रों का कहना है कि मार्च में शामिल लोगों ने गुलाम कश्मीर को यूएन के हवाले करने के लिए जमकर नारेबाजी भी की।

भारतीय सेना अलर्ट 

एलओसी मार्च को देख भारतीय सेना अलर्ट पर है। सेना के उच्च अधिकारी पूरे हालात पर अपनी नजर रखे हुए हैं। सेना के आला अधिकारी पहले ही कह चुके हैं कि एलओसी को पार करने को आक्रमणकारी माना जाएगा।

Posted By: Arun Kumar Singh

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