पटना। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि पटना में आज उमड़ी भीड़ को देखकर मुझे यकीन हो गया है कि बिहार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दो तिहाई बहुमत से सत्ता में आएगी। उनके मुताबिक, बिहार ने केंद्र में भारी बहुमत से भाजपा की सरकार बनवाने में अहम रोल अदा किया है। दूसरी तरफ राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों की एक इंच जमीन भी कॉरपोरेट घरानों को नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गरीब और किसानों के लिए है।

बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती पर मंगलवार को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित पार्टी के 'विराट कार्यकर्ता समागम' में राजनाथ ने कहा कि बिहार देश का सिरमौर है। परिवर्तन की शुरुआत बिहार से हुई है। गांधी ने अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन यही से शुरू किया था। यहां शिक्षा की हालत बदतर हो गई है। बिहार से स्पेशल पैकेज की मांग की जाती है। यहां किसानों की चिंता किसी सरकार ने नहीं की है। बिहार का विकास होना चाहिए। भारत आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभरा है। अंतरराष्ट्रीय जगत में भारत की धमक बढ़ी है।

गोलघर की कहानी

गोलघर का जिक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि यहां किसान इतना अनाज पैदा करते थे कि उसे रखने के लिए इसे बनाया गया था। बिहार के ऐतिहासिक महत्व को बताते हुए सिंह ने कहा कि 1974 में जेपी ने यहीं से क्रांति का बिगुल फूंका था। उन्होंने कहा कि इसी गांधी मैदान से जेपी ने पूरे देश में बदलाव किया था। पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि बिहार की बदहाली के लिए यहां के शासन करने वाले जिम्मेदार हैं।

पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी मंच पर मौजूद थे। इसके अलावा रविशंकर प्रसाद, शाहनवाज हुसैन, नंदकिशोर यादव, रामकृपाल यादव व राजीव प्रताप रूडी भी समागम स्थल पर मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक, अमित शाह बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए बिगुल फूंक सकते हैं। इस बीच, बक्सर से भाजपा सांसद अश्विनी चौबे को पुलिस ने मंच पर जाने से रोक दिया। ऐसा इसलिए किया गया, क्योंकि उनका मंच पर बैठने वाले नेताओं में नाम शामिल नहीं था।

अमित शाह भी मंच से जमकर बोले

पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि जल्दी ही आप लोगों को बदलाव का तूफान देखने को मिलेगा। भूमि अधिग्रहण बिल पर बोलते हुए शाह ने कहा कि किसानों की एक इंच जमीन भी कॉरपोरेट घरानों को नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हम बिहार को भारत का नंबर एक राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बिहार में परिवर्तन की बात करते हुए अमित शाह ने कहा कि यह सभी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है की बिहार में कुशासन का अंत हो।

नीतीश पर निशाना

अमित शाह ने कहा कि बिहार की जनता ने भाजपा और जदयू को बहुमत दिया था । लेकिन नीतीश कुमार ने इस जनादेश के साथ धोखा किया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने लालू-राबड़ी के जंगलराज को खत्म के लिए बहुत काम किया। लेकिन नीतीश कुमार बिहार को फिर पुरानी स्थिति में ले जाना चाहते हैं। बेमौसम की बारिश से बर्बाद हुई फसलों के लिए किसानों के मुआवजे के लेकर शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने पुराने मानकों को बदलते हुए नुकसान की सीमा को 50 फीसदी से घटाकर 30 फीसदी किया। उन्होंने कहा कि किसानों को 30 फीसदी नुकसान पर मुआवजा मिलेगा।

पार्टी की ओर से इस समागम में दो से ढाई लाख कार्यकर्ताओं के जुटान की संभावना व्यक्त की गई है। फिलहाल, अब तक करीब 85 हजार कार्यकर्ताओं की भीड़ मैदान में पहुंच चुकी है। गौरतलब है कि 27 अक्टूबर, 2013 को हुंकार रैली के बाद पार्टी का यह सबसे बड़ा कार्यक्रम होने जा रहा है।

इस बीच, गृमंत्री राजनाथ सिंह ने सुबह ट्वीट किया था कि मैं विराट कार्यकर्ता सम्मेलन के लिए पटना जा रहा हूं। सूत्रों के मुताबिक, शत्रुघ्न सिन्हा इस रैली में शिरकत नहीं करेंगे। शत्रुघ्न का कहना है कि मैं भाजपा से नाराज नहीं हूं। महाराष्ट्र में पहले से ही तय एक कार्यक्रम में जाने की वजह से मैं भाजपा के पटना समागम में नहीं पहुंच पाऊंगा। इसमें कोई शक नहीं है कि मैं पहले के ही तरह भाजपा का वफादार कार्यकर्ता हूं।

मंच पर सिर्फ इन नेताओं को ही मिली जगह

जिला प्रशासन के मुताबिक, सिर्फ 15 नेताओं को ही मंच पर जगह मिली। दंडाधिकारियों को इसके अतिरिक्त किसी को भी मंच पर जाने से मनाही की गई है। मंच पर अमित शाह, राजनाथ सिंह, भूपेंन्द्र यादव, सौदान सिंह, सुशील कुमार मोदी, नंदकिशोर यादव, मंगल पांडेय, राधा मोहन सिंह, रविशंकर प्रसाद, राजीव प्रताप रूड़ी, धर्मेंन्द्र प्रधान, गिरिराज सिंह, रामकृपाल यादव, लालबाबू प्रसाद व नागेन्द्र को जगह मिली।

सुरक्षा के सख्त इंतजाम

पार्टी के वरिष्ठ नेताओं व केंद्रीय मंत्रियों की सुरक्षा को लेकर आइबी ने 'अलर्ट' भी जारी कर दिया है। इसके लिए सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। राज्य पुलिस मुख्यालय के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पटना हवाई अड्डा से लेकर गांधी मैदान तक कुल दो हजार से भी अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। इनमें जिला पुलिस बल के अलावा बीएमपी व एसटीएफ के अधिकारी और जवान शामिल हैं। हवाई अड्डा से लेकर गांधी मैदान के चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही, कुछ निजी कैमरामैन की सेवा भी ली जा रही है। गांधी मैदान में भीड़ पर निगाह रखने के लिए वॉच टावरों का निर्माण किया गया है। गांधी मैदान में सभी प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं, ताकि कोई भी कार्यकर्ता बिना सुरक्षा जांच के मैदान में प्रवेश नहीं कर सके। हवाईअड्डा से लेकर गांधी मैदान के रास्ते में पडऩे वाली सभी ऊंची इमारतों की छतों पर एसटीएफ व बीएमपी के जवानों को दूर तक मार करने वाली रायफलों के साथ तैनात किया जा रहा है।

पार्किंग व इमरजेंसी के लिए प्रशासन ने की है ये तैयारी

जन सुरक्षा व रैली में आने वाले लोगों को लिए गांधी मैदान में आठ जगहों पर चिकित्सा शिविर में डाक्टर, पारा मेडिकल स्टाफ, दवा व एंबुलेंस का प्रबंध किया गया है। भाजपा कार्यकर्ताओं के वाहन पड़ाव वाले 13 स्थलों पर एक-एक एंबुलेंस प्रतिनियुक्त रहेगा। भारी वाहनों का पड़ाव सिर्फ मीठापुर बस स्टैंड व वेटनरी कालेज में होगा। शेष 11 जगहों पर छोटी गाड़ियों को पड़ाव के लिए अनुमति रहेगी। जिन वाहन पड़ाव में एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है, उसमें वेटनरी कालेज, मीठापुर बस पड़ाव, हार्डिंग पार्क, मिलर हाई स्कूल, शाखा मैदान राजेन्द्र नगर, मोइनुल हक स्टेडियम, राजापुर पुल से कुर्जी मोड़, बांस घाट के नीचे गंगा दियारा, दरोगा प्रसाद राय पथ, चितकोहरा पुल से हार्डिंग रोड ओवर ब्रिज, पाटलिपुत्र मैदान, ब्रज किशोर स्मारक परिसर, जक्कनपुर थाना के दक्षिण शामिल है। इसके साथ ही शहर में 44 जगहों पर बैरिकेटिंग की गई है।

यहां आने वालों को गर्मी के इस मौसम में किसी प्रकार का कोई कष्ट न हो, इसके लिए प्रबंधन में जुटे लोग सचेत हैं। लोगों के खाने, सोने, रहने से लेकर इलाज तक की व्यवस्था पर पार्टी नेताओं की नजर है। सोमवार की सुबह से ही गांधी मैदान में तैयारियों की जायजा लेने के लिए नेताओं के आने-जाने का सिलसिला शुरू हो गया था।

तस्वीरें: पटना के गांधी मैदान में भाजपा का 'विराट कार्यकर्ता समागम'


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Edited By: Sachin k