यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 25, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आइआइटी में होगी संस्कृत की पढ़ाई
सरकार ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के प्रबंधन से संस्कृत की पढ़ाई कराने के लिए कहा है।

नई दिल्ली, प्रेट्र। लगता है अब तक उपेक्षित रही संस्कृत भाषा के दिन मोदी सरकार के कार्यकाल में बहुरने वाले हैं। सरकार ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आइआइटी) के प्रबंधन से संस्कृत की पढ़ाई कराने के लिए कहा है। इस आशय की जानकारी मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने सोमवार को लोक सभा में दी।
उनका कहना था कि संस्कृत साहित्य में वर्णित वैज्ञानिक और तकनीक संबंधी तथ्यों के अध्ययन के लिए आइआइटी प्रबंधन से संस्कृत की पढ़ाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।
मानव संसाधन विकास मंत्री ने लोक सभा में एक सवाल के लिखित जवाब में उपरोक्त जानकारी दी। बकौल स्मृति ईरानी, 'पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त एन गोपालास्वामी की अध्यक्षता में गठित समिति ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में संस्कृत की पढ़ाई कराने की सिफारिश की थी। उनके अनुसार सरकार को सौंपी रिपोर्ट में समिति की ओर से कहा गया था कि संस्कृत साहित्य में वर्णित वैज्ञानिक और तकनीकी तथ्यों का गहराई से विश्लेषण किया जाना चाहिए।
इसके लिए संस्कृत को प्रौद्योगिकी संस्थानों में अन्य विषयों के साथ पढ़ाया जाना चाहिए। ताकि संस्कृत में वर्णित गूढ़ वैज्ञानिक रहस्यों पर से पर्दा उठाया जा सके। केंद्रीय मंत्री ने लोक सभा में बताया कि गोपालास्वामी समिति की सिफारिशों के आधार पर आइआइटी प्रबंधन से संस्कृत पढ़ाने का अनुरोध किया गया है। कहा कि संस्कृत के वैज्ञानिक रहस्यों को परिभाषित करने के लिए प्रौद्योगिकी संस्थानों से अच्छी जगह कोई और हो ही नहीं सकती।
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