नई दिल्ली, अनुराग मिश्र। कोरोना की वजह से हुए लॉकडाउन के दौरान लोग घर से काम कर रहे हैं। वहीं, बच्चों को स्कूल ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई करा रहे हैं। इन्हीं जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आईआईटी पटना के स्टार्टअप 'स्कूगल' (https://skugal.com/online" rel="nofollow) ने ऐसा स्कूल मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर बनाया है, जिसकी मदद से आप वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, डॉक्यूमेंट शेयरिंग, ऑडियो चैट, चैट, नई मीटिंग आदि कर सकते हैं।

'स्कूगल' के फाउंडर अभिषेक गुप्ता ने बताया कि यह क्लाउड बेस्ड ईआरपी मैनेजमेंट सिस्टम है। इसके लिए हम गूगल के सहयोग से काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ये सिस्टम स्कूल की जिंदगी को बेहद आसान बना देता है। इसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, फाइल शेयरिंग आदि जैसी प्रचलित सुविधाएं तो हैं। इनके साथ ही कई अन्य सुविधाएं भी इसमें हैं। मसलन, इसमें आप ऑनलाइन डाटा एंट्री, एग्जाम मैनेजमेंट, ऑनलाइन असाइनमेंट, ऑनलाइन टेस्ट आदि भी कर सकते हैं। अभिषेक ने बताया कि अगर स्कूल मैनेजमेंट के लिहाज से देखें तो इसके मार्फत अभिभावक और बच्चे एक प्लेटफॉर्म पर प्रभावी तरीके से संवाद कर सकते हैं।

उदाहरण के तौर पर, इसमें रिमाइंडर का विकल्प दिया गया है, जिसमें स्कूल प्रमुख गतिविधियों के अलर्ट नोटिफिकेशन, अपने सर्टिफिकेट का डिजाइन, अटेंडेंस, टाइमटेबल मॉड्यूल, बच्चों के प्रदर्शन आदि के बारे में भी पता कर सकते हैं। इस मैनेजमेंट सिस्टम में आने वाले समय में वर्चुअल रियलिटी कोर्स पर भी काम चल रहा है, जो कि नेक्स्ट जेन क्लासरूम होंगे।

अभिषेक कहते हैं कि यह मैनेजमेंट सिस्टम मोबाइल फ्रेंडली है, साथ ही इस सिस्टम में इस बात की गारंटी है कि आपका डाटा सिक्योर और निजी है। साथ ही इस मैनेजमेंट सिस्टम में हर फाइल सुरक्षित है और क्लाउड पर इसका बैकअप होता है। ऐसे में आपकी आवश्यक फाइल गायब नहीं होगी।

'स्कूगल' में इंटरेक्टिव वीडियो की सुविधा भी है। इसके अलावा, अभिभावक गैलेरी भी मैनेज कर सकते हैं। इसमें उनका बच्चा स्कूल में किस गतिविधि में भाग ले रहा है, उसकी जानकारी मिलती रहती है। अभिषेक ने बताया कि स्टॉर्टअप शुरू करने में आईआईटी पटना के डाइरेक्टर प्रो. पुष्पक भट्टाचार्य और इन्क्यूबेशन सेंटर के प्रमोद तिवारी की प्रेरणा है। उन्होंने हमें बेहतर कार्य के लिए प्रोत्साहित किया।

शिक्षक- अभिभावक संवाद

इस मैनेजमेंट सिस्टम के द्वारा आप शिक्षक- अभिभावक संवाद को मजबूत कर सकेंगे। शिक्षक औऱ अभिभावक लाइव चैट कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें अगली पीटीएम का इंतजार नहीं करना होगा। साथ ही समस्या के उत्पन्न होते ही उसका समाधान हो सकेगा। वहीं पैरेंट्स को खबर, बच्चे की गतिविधियों, स्कूल इंवेंट आदि के बारे में लाइव अपडेट मिल सकेगा। इसके अलावा आने वाले समय में बच्चे की लाइव ट्रेकिंग भी की जा सकेगी। इसके अलावा यह शिक्षकों को इस बात की सुविधा देता है कि वह लर्निंग की विभिन्न तकनीक को सीख सकें। शिक्षक नियमित अंतराल में छात्र को रिमॉर्क दे सकते हैं तो छात्र भी शिक्षकों को रिमार्क दे सकेंगे जो कि स्कूल के लिए फीडबैक का बेहतर माध्यम है। स्कूल खुलने के दौरान अभिभावक बिना जीपीएस के बस को ट्रेक कर सकते हैं।

 

Posted By: Vineet Sharan

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