विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड तंबाकू की तरह लत पैदा करते हैं या नहीं, ICMR ने नहीं किया कोई अध्ययन

Published: Fri, 07 Aug 2026 11:27 PM (IST)

सरकार ने लोकसभा में बताया कि आइसीएमआर ने अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड की तंबाकू जैसी लत पर कोई अध्ययन नहीं किया है।

अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड की लत लगती है या नहीं?

अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड की लत लगती है या नहीं?

HighLights

  1. आइसीएमआर ने अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड की लत पर अध्ययन नहीं किया।

  2. अधिक सेवन से मोटापा, डायबिटीज, हृदय रोग का खतरा बढ़ता है।

  3. आइसीएमआर, एफएसएसएआइ स्वास्थ्य जोखिमों पर जागरूकता फैला रहे हैं।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा को बताया कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) ने यह पता लगाने के लिए कोई अध्ययन नहीं किया है कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड यानी अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ तंबाकू या अन्य नशीले पदार्थों की तरह लत पैदा करते हैं या नहीं।

स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने एक प्रश्न के लिखित जवाब में कहा कि दुनिया भर में उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आइसीएमआर ने संकेत दिया है कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड के अत्यधिक सेवन का स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इससे मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज, हृदय संबंधी बीमारियों और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी रोगों का खतरा बढ़ सकता है।

हालांकि इन स्थितियों के लिए कई कारक होते हैं और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का ज्यादा सेवन उन कारकों में एक माना जाता है। इसमें यह भी कहा गया है कि उपलब्ध ज्यादातर साक्ष्य अवलोकन पर आधारित हैं।

ICMR ने नहीं की स्टडी

जाधव ने बताया कि आइसीएमआर ने अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड के अत्यधिक सेवन से संबंधित जोखिमों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए कई पहलों को शुरू किया है।

जबकि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) ने भी सेहतमंद खान-पान की आदतों को बढ़ावा देने के लिए 'ईट राइट इंडिया' अभियान समेत कई पहल की है।

उन्होंने कहा कि 2024 में आहार संबंधी दिशा-निर्देशों में चीनी का सेवन सीमित करने, चीनी युक्त पेय पदार्थों से बचने और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करने की सलाह दी गई है।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

यह भी पढ़ें- जोजरी-बांडी और लूणी नदियों के प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, रिवर कमीशन बनाने का दिया निर्देश