भारतीय वायुसेना की बढ़ेगी ताकत, परिवहन बेड़े में शामिल होंगे 60 नए विमान
भारतीय वायुसेना अपने परिवहन बेड़े को आधुनिक बनाने के लिए 60 मध्यम परिवहन विमान खरीदेगी, जो सोवियत-युग के एंटोनोव एन-32 बेड़े की जगह लेंगे।

वायुसेना के परिवहन बेड़े में शामिल होंगे 60 नए विमान। (फाइल)
HighLights
वायुसेना 60 मध्यम परिवहन विमानों की खरीद करेगी।
सोवियत-युग के एंटोनोव एन-32 बेड़े को बदला जाएगा।
48 विमानों का निर्माण भारत में ही किया जाएगा।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना का परिवहन बेड़ा अब एक नए दौर में प्रवेश करने जा रहा है। रक्षा मंत्रालय 60 मध्यम परिवहन विमानों की खरीद करने जा रहा है ताकि सोवियत युग के एंटोनोव एन-32 बेड़े को बदला जा सके। नए विमानों में 18 से 30 टन तक वजन ढोने की क्षमता होगी और एन-32 विमानों की तुलना में ज्यादा उन्नत होंगे, जिससे वायुसेना की ताकत और बढ़ जाएगी।
वियतनाम टाइम्स में प्रकाशित एक लेख के अनुसार, करीब एक लाख करोड़ रुपये का यह कार्यक्रम भारतीय वायुसेना की एयरलिफ्ट क्षमता को आधुनिक बनाने के साथ-साथ घरेलू एयरोस्पेस विनिर्माण को बढ़ावा भी देगा। योजना के तहत 60 विमानों की खरीद की जाएगी। इनमें से 12 विमान पूरी तरह तैयार अवस्था में मिलेंगे, जबकि 48 विमानों का निर्माण भारत में किया जाएगा।
देश में बनने वाले विमानों में उच्च स्तर पर स्वदेशी सामग्री के उपयोग की अपेक्षा की गई है। इस कारण यह परियोजना केवल सैन्य आधुनिकीकरण तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि देश में विमानन विनिर्माण की पहल के लिए भी महत्वपूर्ण होगी।
रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय वायुसेना आधुनिक सैन्य परिवहन विमान जैसे लाकहीड मार्टिन सी-130जे सुपर हरक्यूलिस का पहले से उपयोग कर रही है। ये विमान सैनिकों और सैन्य उपकरणों की ढुलाई, एयरड्राप व विभिन्न सैन्य अभियानों को अंजाम देने में सक्षम हैं।
इसके विस्तारित सी-130-30 वर्जन की अधिकतम पेलोड क्षमता लगभग 30 टन है। जबकि ब्राजील की एयरोस्पेस कंपनी एंब्रेयर के सी-390 मिलेनियम विमान को भी इस कार्यक्रम का एक संभावित दावेदार माना जा रहा है। यह जेट इंजन आधारित नई पीढ़ी का सैन्य विमान है, जिसकी अधिकतम भार वहन क्षमता 26 टन है। सी-390 ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी तेजी से पहचान बनाई है और कई नाटो सदस्य देशों ने भी इसे अपनाया है।
(समाचार एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)
