नई दिल्ली, एएनआइ। भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर जारी तनाव सोमवार को थोड़ा कम हुआ है। चीन के गलवन से पीछे हटने के बाद भी भारतीय सेना सुरक्षा को लेकर कोई भी कसर नहीं छोड़ाना चाहती है। चीन की हर हरकत पर भारतीय वायुसेना की पूरी नजर है। देर रात वायुसेना (Indian Air Force) के लड़ाकू विमानों ने भारत-चीन बॉर्डर के पास एक फॉरवर्ड एयरबेस पर उड़ान भरी। वायुसेना चीन की किसी भी चालबाजी का जवाब देने के लिए तैयारी कर रही है।

फॉरवर्ड एयर बेस पर वायुसेना के अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर (Apache attack helicopter), मिग-29 फाइटर एयरक्राफ्ट (MiG-29 fighter aircraft) और चिनूक हेवीलिफ्ट हेलिकॉप्टर (Chinook heavylift helicopter) ने भारत-चीन बॉर्डर के पास एक फॉरवर्ड एयरबेस पर रात में अभ्यास किया। एयर बेस में तैनात वरिष्ठ लड़ाकू विमान के पायलट ए. राठी ने कहा कि रात के ऑपरेशन में एक सरप्राइज एलिमेंट होता है। भारतीय वायुसेना आधुनिक प्लेटफार्मों और प्रेरित कर्मियों की मदद से किसी भी वातावरण में ऑपरेशन के पूरे स्पेक्ट्रम का संचालन करने के लिए पूरी तरह से प्रशिक्षित और तैयार है।

इंडियन एयरफोर्स का अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर भारत-चीन बॉर्डर के पास एक फॉरवर्ड एयरबेस पर नाइट ऑपरेशन किया।

भारतीय वायुसेना का मिग-29 फाइटर एयरक्राफ्ट भारत-चीन बॉर्डर के पास एक फॉरवर्ड एयरबेस पर नाइट ऑपरेशन किया।

भारतीय वायुसेना का चिनूक हेवीलिफ्ट हेलिकॉप्टर भारत-चीन बॉर्डर के पास एक फॉरवर्ड एयरबेस पर नाइट ऑपरेशन किया।

सोमवार को एलएसी के पास गलवन घाटी से चीनी सेना अपना साजो-सामान लेकर करीब दो किमी पीछे हट गई है। भारत और चीन के बीच एलएसी पर दो महीने से जारी तनाव को कम करने की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जा रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री की रविवार को फोन पर बातचीत हुई थी। इस दौरान एलएसी पर तनाव घटाने के लिए अपने-अपने सैनिकों को पीछे हटाने पर सहमति बनी।

Posted By: Manish Pandey

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