नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। भाजपा के प्रधानमंत्री उम्मीदवार के वाराणसी पहुंचने से पहले ही अल्पसंख्यक वोटों की खेमेबंदी भले ही शुरू हो गई हो, नरेंद्र मोदी को विश्वास है कि मुस्लिम वर्ग भी उनसे मिलेगा तो उन्हें चाहने लगेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि राजग सरकार बदले की मंशा से नहीं, सकारात्मक सोच के साथ काम करेगी।

कांग्रेस समेत अन्य दल जहां मोदी को अल्पसंख्यक विरोधी बता रहे हैं, खुद मोदी के बयान ने रणनीतिकारों को सतर्क कर दिया होगा। गौरतलब है कि लखनऊ में पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह से मुलाकात के बाद शिया धर्मगुरु कल्बे जव्वाद ने कहा था कि उन्हें मोदी से डर लगता है। एक साक्षात्कार में मोदी ने सवाल का जवाब देते हुए कहा, 'मैं वाराणसी किसी को हराने नहीं जा रहा हूं। मैं तो उनका दिल जीतने जा रहा हूं। अगर मुस्लिम भी मुझसे मिलेंगे तो प्यार करने लगेंगे।' संकेत साफ है कि आने वाले समय में उनकी मुलाकात मुस्लिम समुदाय के लोगों से हो सकती है। ध्यान रहे कि मोदी पहले भी कह चुके हैं कि वह बद-इरादे से कोई काम नहीं करेंगे और उनके शासन में हर किसी का विकास होगा। माना जा रहा है कि 18-23 अप्रैल के बीच वह वाराणसी से नामांकन करेंगे। पिछले कुछ दिन में भाजपा नेताओं की ओर से राबर्ट वाड्रा को जेल भेजने समेत दूसरे लोगों पर कार्रवाई के लिए आगाह किया जाता रहा है। मोदी ने साक्षात्कार में यह स्पष्ट कर दिया कि कानून की राह में वह अड़ंगा नहीं बनेंगे, लेकिन सरकार बदले की भावना से नहीं चल सकती है। खासकर उनके दिमाग में वह 'साफ्टवेयर' ही नहीं है।

महिला सुरक्षा को बड़ा मुद्दा मानते हुए मोदी ने कहा कि हर किसी को इस पर ध्यान देना होगा। गुजरात दंगों पर उनकी चुप्पी को लेकर उठे सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि 2002 से 2007 तक वह हर किसी को जवाब देते रहे, लेकिन बाद में उन्हें लगा कि कोई इसकी तह मे जाना ही नहीं चाहता है। कोई साजिश रच रहा है और लोग उसके शिकंजे में हैं। इसीलिए बोलना छोड़ दिया। उन्होने कहा, 'मैं जनता की अदालत में खड़ा हूं और उनके फैसले की प्रतीक्षा कर रहा हूं।'

अपराध किया हो तो सरेआम

फांसी दो, माफी नहीं मांगूंगा

अहमदाबाद। नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर गुजरात दंगों के लिए माफी मांगने से साफ इन्कार कर दिया है। उन्होंने कहा, 'अगर मुझ पर लगाए गए आरोपों में थोड़ी भी सच्चाई है, तो मुझे लगता है कि भारत के बेहतर भविष्य और परंपराओं के लिए मोदी को चौराहे पर फांसी दे दी जानी चाहिए। मोदी को ऐसी सजा दी जानी चाहिए कि अगले 100 वर्ष तक कोई ऐसा अपराध करने की हिम्मत न कर सके।' उन्होंने कहा कि माफी मांगने से कोई फायदा नहीं होगा। अगर अपराध किया गया है तो मोदी को काफी माफ नहीं किया जाना चाहिए।

'गुजरात दंगों पर पांच साल तक सफाई देता रहा। अब जनता की अदालत में हूं और फैसले का इंतजार कर रहा हूं।'-नरेंद मोदी

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