हुंडई मोटर के सीईओ ने पीएम मोदी से की मुलाकात, भारत में कब शुरू होगा बड़ा प्रोजेक्ट?
हुंडई मोटर ग्रुप भारत में अगले सात वर्षों में 15.5 अरब डॉलर का भारी निवेश करेगा, जिसका उद्देश्य ऑटोमोटिव इकोसिस्टम को मजबूत करना है।

हुंडई मोटर इंडिया के सीईओ से मिले पीएम मोदी
HighLights
हुंडई भारत में 15.5 अरब डॉलर का निवेश करेगी।
विनिर्माण क्षमता, अनुसंधान एवं विकास पर होगा ध्यान।
भारत को वैश्विक निर्यात केंद्र बनाएगी कंपनी।
जागरण ब्यरो, नई दिल्ली। हुंडई मोटर ग्रुप ने भारत में अगले सात वर्षों में कुल 15.5 अरब डॉलर यानी तकरीबन 1.48 लाख करोड़ रुपये (मौजूदा कीमत के आधार पर) का निवेश करेगी।
हुंडई मोटर ग्रुप की सब्सिडियरी हुंडई मोटर इंडिया (HMI) भारत की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। इस बारे में हुंडई मोटर ग्रुप के चीफ एक्जीक्यूटिव यूईसुन चुंग ने पीएम नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की और अपनी कंपनी की भारत को लेकर पूरी रणनीति पर चर्चा की।
यह निवेश वर्ष 2026 से 2032 तक भारत में ऑटोमोटिव इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। इससे भारत को ग्रुप के भविष्य के विकास और उभरते बाजारों में विस्तार के लिए मुख्य रणनीतिक बाजार के रूप में स्थापित किया जाएगा।
ऑटोमोटिव इकोसिस्टम को बढ़ावा
कंपनी की तरफ से बताया गया है कि यह सात साल का निवेश विनिर्माण क्षमता विस्तार, अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्थानीय सप्लायरों के विकास और भविष्य की तकनीक नवाचार पर केंद्रित है। इससे भारत में व्यापक ऑटोमोटिव इकोसिस्टम को बढ़ावा मिलेगा।
निवेश को सुचारू रूप से लागू करने के लिए ग्रुप भारत में एक समर्पित निवेश इकाई भी स्थापित करेगा। यह इकाई आरएंडडी, भविष्य की तकनीकों और पूरे ऑटोमोटिव इकोसिस्टम में निवेश का समन्वय करेगी तथा स्थानीय साझेदारों की पहचान में भी मदद करेगी।
निवेश की घोषणा के ही दिन एचएमआइ ने भारत में अपनी नई एसयूवी बायोन को त्योहारी सीजन में लांच करने की घोषणा की है।
यूईसुन चुंग ने कहा, 'भारत हुंडई मोटर ग्रुप के सबसे महत्वपूर्ण और रणनीतिक बाजारों में से एक है। पिछले 30 वर्षों की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए यह निवेश अगले 30 वर्षों और उससे आगे के लिए हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और भारत के औद्योगिक विकास को समर्थन मिलेगा।'
साफ है कि इस निवेश से कंपनी की दोनों सब्सिडियरियों एचएमआइ और किआ इंडिया की कार निर्माण क्षमता को तेजी से विस्तारित किया जाएगा ताकि भारत ग्रुप का एक प्रमुख वैश्विक निर्यात केंद्र बन सके।
आरएंडडी केंद्र में लगभग 70 करोड़ डॉलर का निवेश किया जाएगा, जिसमें वाहन परीक्षण ट्रैक भी शामिल है। इससे अगली पीढ़ी की ऑटोमोटिव तकनीक विकसित की जाएगी।
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