हैदराबाद में गणेश विसर्जन के दौरान अनोखा पल, SHO पिता संग खाकी में ड्यूटी पर उतरी बेटी; Video वायरल
छोटी अमीक्षा ने हैदराबाद में गणेश विसर्जन के अंतिम दिन अपने इंस्पेक्टर पिता पी. सैदुलू के साथ पुलिस ड्यूटी में ...और पढ़ें
HighLights
अमीक्षा ने गणेश विसर्जन पर पिता संग पुलिस ड्यूटी की।
इंस्पेक्टर सैदुलू की बेटी ने खाकी वर्दी में अनुभव साझा किया।
यह पल बेटी के लिए कर्तव्य और गौरव का संगम बना।
डिजिटल डेस्क, तेलंगाना। हैदराबाद में गणेश विसर्जन का अंतिम दिन छोटी सी अमीक्षा के लिए एक बेहद की खास दिन बन गया। अमीक्षा के पिता पी. सैदुलू बेगमपेट पुलिस स्टेशन में इंस्पेक्टर है। अमीक्षा के लिए उसके पिता की खाकी वर्दी कभी भी सिर्फ एक वर्दी नहीं थी उसके लिए वो अनुशासन, हिम्मत और जनसेवा का प्रतीक थी।
हैदराबाद में इस साल गणेश विसर्जन के आखिरी दिन उसे जब अपने पिता के साथ ड्यूटी का एक दिन बिताने का मौका मिला तो वो उसके लिए काफी गौरव का पल साबित हुआ।
अमीक्षा ने अपने पिता से शहर के सबसे व्यस्त दिनों में एक गणेश विसर्जन के दिन ड्यूटी पर उनके साथ शामिल होने की गुजारिश की, जिसे उसके पिता ने मान लिया और अमीक्षा को अपने साथ ड्यूटी पर ले गए।
पिता के लिए बना खास पल
इंस्पेक्टर सैदुलु ने यह पल इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए लिखा, 'मेरी बेटी अमीक्षा हमेशा से पुलिस वर्दी से प्रभावित रही है। उसकी इच्छा पर, वो गणेश विसर्जन के आखिरी दिन पुलिस ड्यूटी के एक दिन के लिए मेरे साथ शामिल हुई।'
वीडियो में अमीक्षा को पुलिसकर्मियों से बातचीत करते, अपने पिता की टीम के सदस्यों से बात करते और विसर्जन के दौरान सभी से तालमेल करते हुए देखा गया है।
सैदुलु ने इस खूबसूरत पल के बारे में खुशी जाहिर करते हुए कहा,'उसके लिए यह सिर्फ ड्यूटी का एक दिन था, लेकिन मेरे लिए, यह मेरी बेटी के साथ जीवन भर की याद बन गई।'
एक दिन:सपने और कर्तव्य का संगम
अमीक्षा के लिए यह दिन उस वर्दी को करीब से देखने से कहीं ज्यादा था क्योंकि उस दिन उसने अपने पिता के द्वारा निभाने वाली उस जिम्मेदारी की एक झलक देखी जिसे उसके पिता रोज निभाते हैं। अमीक्षा के लिए यह दिन एक ऐसी याद बन गया जिसने उसके पिता के कर्तव्य और उसके सपने को एक साथ जोड़ दिया।
गणेश विसर्जन के दौरान पुख्ता इंतजाम
तेलंगाना के DGP सी.वी. आनंद ने शहर में कड़े इंतजाम की पुष्टि की। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि शहर में सुरक्षा, ट्रैफिक कंट्रोल और भीड़ प्रबंधन के लिए पूरे हैदराबाद में लगभग 30 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।
सावधानी के बाद भी त्योहार के दौरान कुछ जोखिम और दुखद घटनाएं भी हुईं। आधिकारिक आंकड़ों से पता चला है कि त्योहार के दौरान हुई घटनाओं में एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर समेत 13 लोगों की जान चली गई, जबकि 26 अन्य घायल हो गए।
