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खराब मीट, नकली चाय और घटिया खजूर... हैदराबाद में खुलेआम बिक रहा था 'जहर'; 122 टन मिलावटी खाना जब्त

Published: Sat, 04 Jul 2026 06:07 PM (GMT+05:30)

हैदराबाद में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई में, फूड एडल्टरेशन सर्विलांस टीम ने 100 दिनों में 185 ...और पढ़ें

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डिजिटल डेस्क, हैदराबाद। शहर में खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में हैदराबाद फूड एडल्टरेशन सर्विलांस टीम ने अपने संचालन के शुरुआती 100 दिनों के भीतर ही 185 मामले दर्ज किए हैं। इसके साथ ही टीम ने लगभग 122 टन असुरक्षित और मिलावटी खाद्य सामग्री को भी जब्त किया है।

यह विशेष इकाई 19 मार्च को हैदराबाद सिटी पुलिस के तहत शुरू की गई थी। ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन, खाद्य सुरक्षा और पशु चिकित्सा विभागों के साथ मिलकर यह इकाई पूरे शहर में लगातार छापेमारी कर रही है।

शहर के विभिन्न इलाकों में दर्ज मामले

इस अभियान के दौरान शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें सबसे ज्यादा 55 मामले राजेंद्रनगर में सामने आए हैं। इसके बाद गोलकुंडा में 44, सिकंदराबाद में 35 और चारमीनार में 21 मामले दर्ज किए गए हैं। इसी तरह शमशाबाद में 13, जुबली हिल्स में 12 और खैरादाबाद में 5 मामले सामने आए हैं।

छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में स्वास्थ्य के लिए खतरनाक सामग्रियां जब्त की गई हैं, जिनमें 27 टन मिलावटी अदरक-लहसुन का पेस्ट और 25 टन से अधिक केमिकल से पकाए गए फल शामिल हैं। इसके अलावा 30 टन से अधिक फेंके जाने योग्य चिकन का कचरा, 15 टन घटिया क्वालिटी का चिकन और मांस, तथा 9 टन से अधिक बासी अचार बरामद किया गया है।

अधिकारियों ने 4 टन मिलावटी खोया, 3.9 टन नकली चाय पत्ती, 3.2 टन मिलावटी क्रीम, 2.7 टन घटिया सूखे मेवे व खजूर और 2.5 टन मिलावटी दही भी जब्त किया है। साथ ही, 1.5 टन सिंथेटिक पनीर और फास्ट-फूड आउटलेट्स से 120 किलोग्राम अस्वच्छ फ्राइड चिकन भी पकड़ा गया है।

कानूनी कार्रवाई के लिए सौंपे गए मामले

पुलिस ने 247 मामलों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जीएचएमसी के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को सौंप दिया है। इन मामलों में पनीर इकाइयों, पानी के प्लांट, बेकरियों, फास्ट-फूड केंद्रों, हॉस्टलों, मीट की दुकानों और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के खिलाफ मामले शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, सीधे जनता की शिकायतों के आधार पर भी 90 मामले दर्ज किए गए हैं।

खाद्य मिलावट से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य खतरों पर प्रकाश डालते हुए हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर वी.सी. सज्जनार ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट कोई मामूली उल्लंघन नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इसे हत्या के प्रयास के बराबर का अपराध मानते हैं और इस माफिया में शामिल लोगों के खिलाफ प्रिवेंटिव डिटेंशन एक्ट लगाने में भी संकोच नहीं करेंगे।

जनता से सतर्क रहने और शिकायत करने की अपील

कमिश्नर सज्जनार ने बताया कि उनके कार्यालय को हर दिन भोजन में मिलावट से जुड़ी लगभग 15 शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी खाद्य पदार्थ में मिलावट का संदेह हो, तो वे डायल 100 या H-FAST हेल्पलाइन नंबर 8712661212 पर कॉल करके इसकी सूचना दें। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया है कि जानकारी देने वाले नागरिकों की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।