कोंडागांव(नई दुनिया)। सरकार नक्सलवाद समाप्त करने के लिए पुनर्वास नीति चला रही है। इस नीति के तहत समर्पण करने वाले नक्सलियों को इनाम के साथ-साथ पात्रता अनुसार नौकरी, मकान आदि दी जाती है। इसी नीति से एक महिला भी इस तरह प्रभावित हुई कि वह हर हाल में अपने नक्सलवाद का दामन थाम चुके पति को समर्पण करवाना चाहती थी और जब उसका पति समर्पण के लिए नहीं माना तो उसने जहर पीकर अपनी जान दे दी।

घटना मर्दापाल थाना क्षेत्र ग्राम नेड़वाल में 26 मई को घटी है। घटना की पुष्टि करते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ अभिषेक पल्लवा ने बताया कि, ग्राम नेड़वाल क्षेत्र में रमेश कोर्राम गोलावांड एलओएस का सक्रिय नक्सली है। उस पर मर्दापाल थाना में कई नामजद मामले भी पंजीबद्घ है।

नक्सल संगठन में रहते हुए वह परिवार से दूर हो चुका है। इसके चलते उसकी पत्नी सोनमती सोरी (30) परेशान रहा करती थी। सोनमती का जब भी रमेश से संपर्क हुआ करता वह उसे नक्सल वाद छोड़ समर्पण करने के लिए कहती थी, ताकि पूरा परिवार विकास की राह पर चल सके।

लेकिन वह पत्नी की बात अनसुनी कर दिया करता था, इससें दोनों के बीच कलह भी रहने लगा। पति को बार-बार समर्पण के लिए मनाने से नहीं मानने पर आखिरकार पत्नी सोनमती ने 26 मई को जहर पीकर आत्महत्या कर ली। फिलहाल मर्दापाल थाना पुलिस मर्ग कायम कर विवेचना कर रही है।

 

Posted By: Sanjeev Tiwari

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