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हैदराबाद। आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में पेनुकोंडा रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह 3.15 बजे हुई रेल दुर्घटना में चार बच्चों सहित कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई। इनमें से 16 लोगों की मौत बोगी में जिंदा जलने से हुई है। यह हादसा उस समय हुआ जब बेंगलूर जाने वाली हंपी एक्सप्रेस ने ट्रैक पर खड़ी मालगाड़ी में टक्कर मार दी। दिल्ली में रेलवे के प्रवक्ता अनिल सक्सेना ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला हंपी एक्सप्रेस द्वारा सिग्नल तोड़ने का लग रहा है।

हैदराबाद से तकरीबन 400 किलोमीटर दूर पेनुकोंडा रेलवे स्टेशन पर हुबली-बेंगलूर हंपी एक्सप्रेस ने पहले से वहां खड़ी मालगाड़ी में टक्कर मार दी। टक्कर के बाद रेलगाड़ी की इंजन के पीछे की बोगी में आग लग गई जबकि तीन अन्य बोगियां पटरी से उतर गई। बताया जा रहा है कि टक्कर के बाद शॉर्ट-सर्किट के कारण बोगी में आग लग गई। हादसे में 43 लोगों के घायल होने की भी खबर है। उन्हें इलाज के लिए विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। दुर्घटना में घायल ट्रेन के चालक और सह-चालक बयान देने की स्थिति में नहीं हैं।

पुलिस के अनुसार पहली बोगी से 16 शव मिले हैं। बुरी तरह जले होने के कारण इनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है। कुछ यात्री अब भी क्षतिग्रस्त बोगियों के अंदर फंसे हुए हैं, जिन्हें बाहर निकालने का काम जारी है। हंपी एक्सप्रेस सोमवार शाम 6:00 बजे हुबली से रवाना हुई थी।

हादसास्थल पर पहुंचे रेल मंत्री मुकुल रॉय ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने रेलवे सुरक्षा आयुक्त [दक्षिण मंडल] एसके मित्ताल को जांच रिपोर्ट 10 दिन में देने को कहा है।

रेल मंत्री ने मृतकों के परिजनों को पांच लाख, अति गंभीर रूप से घायलों को 2.50 लाख, गंभीर रूप से घायलों को एक लाख और मामूली रूप से घायलों को 50 हजार रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है।

घटनास्थल पर पहुंचे कर्नाटक के मुख्यमंत्री सदानंद गौड़ा ने भी मृतकों के परिजनों को एक लाख और घायलों को 25 हजार रुपये देने की घोषणा की है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी ने अधिकारियों को यात्रियों की मदद का निर्देश दिया है। यह महज संयोग है कि 20 मार्च, 2012 को जब मुकुल राय ने रेल मंत्री के रूप में शपथ ली थी, उसी दिन हाथरस में रेल हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि मंगलवार को संप्रग-2 सरकार के तीन साल पूरे होने के मौके पर यह हादसा हुआ।

संप्रग-2 सरकार के दूसरे कार्यकाल में 2009 से अब तक करीब नौ रेल हादसे हुए। इनमें 360 से अधिक लोगों की जान गई।

हादसों की रेल

20 मार्च, 2012 : उत्तार प्रदेश के हाथरस में रेल हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई।

जनवरी, 2012 : दिल्ली जा रही ब्रह्मपुत्र मेल व एक मालगाड़ी के बीच भिड़ंत। पांच मरे।

नवंबर, 2011 : हावड़ा-देहरादून एक्सप्रेस के दो डिब्बों में आग से सात की जलकर मौत।

सितंबर, 2011 : तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में दो ट्रेनों भिड़ंत। 10 मरे।

जुलाई, 2011- उत्तार प्रदेश में मथुरा-छपरा एक्सप्रेस बस से टकराई। 38 मरे।

20 सितंबर, 2010- मध्य प्रदेश के शिवपुरी में मालगाड़ी ग्वालियर इंटरसिटी एक्सप्रेस से टकराई। 33 मरे।

19 जुलाई, 2010- उत्तंग एक्सप्रेस पश्चिम बंगाल के सैंथिया में वनांचल एक्सप्रेस पर चढ़ी। 60 मरे।

मई, 2010- पश्चिम बंगाल के पश्चिमी मेदिनीपुर जिले में ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस पटरी से उतरी। 170 की मौत।

21 अक्टूबर, 2009 : यूपी के बंजाना में गोवा एक्सप्रेस मेवाड़ एक्सप्रेस से टकराई। 22 मरे।

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