जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। रेलवे ने चौकीदार रहित क्रॉसिंग को समाप्त करने की जंग जीत ली है। अब केवल एक क्रॉसिंग बची है, जिसे जल्द ही खत्म कर दिया जाएगा। इस उपलब्धि से क्रॉसिंग पर होने वाले हादसों में भारी कमी आई है। पांच वर्ष पहले तक जहां हर साल क्रॉसिंग पर होने वाली करीब 50 दुर्घटनाओं में 100 लोग मारे जाते थे, वहीं चौकीदार रहित क्रॉसिंग की समाप्ति के बाद पिछले वर्ष दिसंबर तक केवल तीन हादसों में महज एक व्यक्ति की मौत हुई।

रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। पिछले साल हमने 3,478 चौकीदार रहित क्रॉसिंग को खत्म किया। 2010 तक सालाना 800-900 चौकीदार रहित क्रॉसिंग को खत्म किया जा रहा था, लेकिन 2015-16 में हमने 1253 क्रॉसिंग को खत्म कर इसकी गति को बढ़ाना शुरू किया।

वर्ष 2017 में रेलमंत्री पीयूष गोयल के निर्देश पर इस अभियान को तेज रफ्तार दी गई। अब केवल इलाहाबाद जोन में एक क्रॉसिंग बची है, जिसमें जमीन अधिग्रहण की मुश्किलों के कारण विलंब हो रहा है। हालांकि, वहां भी काम जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

मानव रहित रेलवे क्रॉसिंगों पर पूर्व में अनेक दर्दनाक हादसे हुए हैं। वर्ष 2014-15 में 50 हादसों में 130 लोगों की मौत हुई थी। बाद में थोड़ा ध्यान दिए जाने से हादसों की संख्या घटकर क्रमश: 29, 20 व 10 तथा मौतों की संख्या 58, 40 और 26 रह गई।

 

Posted By: Bhupendra Singh

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