नई दिल्ली, विनीत शरण। कोविड लॉकडाउन का यह दौर पूरी दुनिया के लिए बिल्कुल अलग है। इस वक्त हजारों सवाल उठ रहे हैं कि यह दौर इंसान, उनके व्यवहार, इतिहास, सामाजिक व्यवस्था और अर्थव्यवस्था पर कैसा प्रभाव डालेगा। कल जब हम सब कोरोना के इस दौर से बाहर निकल जाएंगे तो कोविड काल को कैसे याद करेंगे। ऐसे तमाम सवालों के जवाब देने के लिए दुनिया भर के म्यूजियम जुट गए हैं। इसके साथ ही वे मानव इतिहास को सहेज भी रहे हैं, ताकि कोविड के इस दौर में पुरातन धरोहरों और मूर्तियों को नुकसान न पहुंचे। अमेरिका के पश्चिमी इलाके में एक म्यूजियम है- ऑट्री (Autry)। यह म्यूजियम कोविड के दौर के दस्तावेजों, फोटो और पेंटिंग्स को सहेज रहा है।

अमेरिका में मार्च में जब लॉकडाउन हुआ तो छह साल की एक बच्ची फ्रैंकलीन को उसका पहला ई-लर्निंग असाइनमेंट मिला। इस असाइनमेंट में फ्रैंकलीन ने कोरोना वायरस की तस्वीर बनाते हुए लिखा- मैं कहीं नहीं जा सकती हूं इस संक्रमण के कारण। हम घर के भीतर ही खेलते हैं। हम ऐसा वायरस के कारण कर रहे हैं। फ्रैंकलीन का यह होमवर्क अब म्यूजियम के कलेक्शन का हिस्सा है। ऑट्री म्यूजियम के एसोसिएट क्यूरेटर टायरी बॉयड-पेट्स कहते हैं कि म्यूजियम की जिम्मेदारी है कि वे इतिहास को लोगों तक पहुंचाएं।

कल यही हमारी यादें होंगी

कैलिफोर्निया के एक रेस्टॉरेंट में काम करने वाले जेक शेनर ने घर में रहने के दौरान 22 क्वारंटाइन दृश्यों की पेंटिंग बनाई है, उन्होंने अपनी सभी पेंटिंग यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न कैलिफोर्निया की लाइब्रेरी को दे दी है। अमेरिका के कई म्यूजियम, इंस्टीट्यूट और हिस्टोरिकल सोसाइटी ऐसे कलेक्शंस जुटा रही हैं। न्यूयॉर्क सिटी का म्यूजियम कोविड से जुड़ी तस्वीरों को सहेज रहा है। म्यूजियम का कहना है कि कल यही हमारी यादें होंगी।

म्यूजियम@होम

हमारे देश में भी इस तरह की कोशिशें हो रही हैं। दिल्ली के नेशनल म्यूजियम ने अपनी वेबसाइट पर एक पेज बनाया है, म्यूजियम@होम (http://www.nationalmuseumindia.gov.in/online-activities.asp" rel="nofollow)। इससे लोग ऑनलाइन माध्यम से म्यूजियम से जुड़ रहे हैं। नेशनल म्यूजियम के सूत्रों का कहना है कि नेशनल म्यूजियम के सभी सोशल मीडिया पेज पर ऑनलाइन एक्टिविटी काफी बढ़ गई है। ढेरों वीडियो, तस्वीरें अपलोड कर दर्शकों को जोड़ा जा रहा है। इन वीडियो के जरिए संग्रहालय में मौजूद मूर्तियों के इतिहास की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।

 

 

 

 

 

 

 

 

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Let’s take a short tour around our museum and look at four bronze images of Indian goddesses displayed in the Bronze Gallery. . Watch the space as we would be visiting NM stores and other galleries next. . #bronzecollection #Galleryvisit #newseries #indiangoddess

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हाल में नेशनल म्यूजियम डे भी ऑनलाइन तरीके से ही मनाया गया। ढेरों कार्यक्रम और प्रस्तुतियां हुईं। नेशनल म्यूजियम अपनी मूर्तियों और धरोहरों को सहेजने पर भी काम कर रहा है। नियमित रूप से इन्हें सैनेटाइज किया जा रहा है। इनकी अच्छे से देखभाल की जा रही है, ताकि कोविड के दौर में हमारी इन धरोहरों को नुकसान न पहुंचे। नेशनल म्यूजियम अपनी धरोहर और अपने कर्मचारियों के साथ ही इतिहास की भी हिफाजत कर रहा है।

मानव विज्ञानी की राय

अधीक्षक मानव विज्ञानी रत्ना धर कहती हैं कि वे देशभर की म्यूजियम से जुड़ी हुई हैं। देश के म्यूजियम वेबिनार में चर्चा कर रहे हैं कि वे किस तरह लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक कर सकते हैं। हम मानते हैं कि इतिहास को सहेजने के साथ लोगों को जागरूक करना भी हमारा काम है। और हम इस दिशा में काम भी कर रहे हैं। हमें समझना होगा कि इस बीमारी से बचाव और सावधानियां जरूरी हैं। फिजिकल डिस्टैंसिंग जरूरी है, पर फिजिकल डिस्टैंसिंग सोशल डिस्टैंसिंग में तब्दील नहीं होनी चाहिए। कैसे भी हो हम सब को जुड़े रहना है। मानव इतिहास हमें यही सिखाता है।  

Posted By: Vineet Sharan

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