नई दिल्ली, जेएनएन। 2020 में फैली कोरोना महामारी के चलते दुनिया की बड़ी आबादी घर से काम कर रही है। इस क्रम में यह आबादी उन करोड़ों लोगों के साथ जुड़ गई है, जो दशकों से घर पर रहकर काम करते आ रहे हैं। 2019 में दुनिया में 26 करोड़ लोग घर से काम कर रहे थे। ये वैश्विक रोजगार का 7.9 फीसद है। जब 2020 के फाइनल आंकड़े आएंगे, तब अनुमान है कि यह संख्या काफी अधिक होगी। होम वर्कर्स पर इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन की नई रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। इस रिपोर्ट का नाम है- वर्किंग फ्रॉम होम, इंविसिबिलिटी टू डिसेंट वर्क। इस रिपोर्ट में घर पर रहकर तरह-तरह के काम करने वाले भारत समेत दुनियाभर के लोगों की जानकारी दी गई है, जैसे, होम वर्कर्स किस तरह के काम करते हैं? कितने घंटे काम करते हैं? कितना कमाते हैं?

अमीर देशों में प्रोफेशनल करते हैं घर से काम

रिपोर्ट के मुताबिक, कम और मध्यम आय वाले देशों में ज्यादातर होम वर्कर्स अपना काम करते हैं, जैसे कोई सामान बनाना। लेकिन अमीर देशों में घर के काम करने वाले ज्यादातर लोग कर्मचारी हैं। अमीर देशों में घर से काम करने वाले 53 फीसद प्रोफेशनल्स और तकनीकी कर्मचारी हैं, लेकिन मध्यम और गरीब देशों में घर से काम करने वालों में प्रोफेशनल्स का हिस्सा क्रमश: 31 और 12 फीसद है। वहीं कुल होम वर्कर्स की बात करें तो ज्यादातर देशों में होम वर्कर्स 10 फीसद से कम हैं। एशिया और पैसिफिक देशों में इनका आंकड़ा सबसे ज्यादा 166 मिलियन (कुल होम वर्कर्स का 65 फीसद) है।

होम वर्कर्स में महिलाएं ज्यादा हैं

2019 में दुनिया में 14.7 करोड़ महिलाएं और 11.3 करोड़ पुरुष होम वर्कर्स थे। कुल कामकाजी महिलाओं में से 11.5 फीसद घर से काम करती हैं, जबकि 5.6 फीसद पुरुष ही घर से काम करते हैं।

घर से काम करने में घट जाती है आय

रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन में घर से काम करने वाले ऑफिस जाने वालों से 13 फीसद कम कमाते हैं। जबकि अमेरिका में 22 फीसद, दक्षिण अफ्रीका में 25 फीसद और भारत में 50 फीसद आमदनी कम हो जाती है।

भारत में कोरोना का असर

भारत में 3.5 करोड़ होम वर्कर्स हैं। ये कुल वर्क फोर्स का 9.8 फीसद हिस्सा हैं। 7.7 लाख लोग घर पर रहकर कढाई का काम काम करते हैं। 23.54 लाख होम वर्कर्स घर पर बीड़ी बनाने का काम करते हैं। भारत में 66 फीसद होम वर्कर्स महिलाएं हैं और 34 फीसद पुरुष हैं। भारत में होम वर्कर्स ज्यादातर औद्योगिक काम करते हैं, जैसे-बीड़ी, सिगरेट, रोलिंग या कुटीर उद्योग। भारत के होम वर्कर्स महीने में औसतन 197 घंटे काम करते हैं। जबकि अर्जेंटीना के होम वर्कर्स सिर्फ 102 घंटे काम करते हैं।

किस सेक्टर में कितने हैं होम वर्कर्स

-13 फीसद भारत के होम वर्कर्स कृषि से जुड़े हैं

-59 फीसद क्राफ्ट और ट्रेड से जुड़े हैं

-7 फीसद सर्विस सेक्टर का काम करते हैं

-4 फीसद तकनीकी कर्मचारी हैं

-7 फीसद प्रोफेशनल्स और 10 फीसद मैनेजर हैं

लॉकडाउन का प्रभाव

कोरोना काल में घर से काम करने वाले लोगों में तेजी से वृद्धि हुई है। भारत में जब दूरसंचार विभाग ने आईटी कर्मचारियों को घर से काम करने की छूट दी तो 43 लाख आईटी कर्मचारियों में से 90 फीसद घर से काम करने लगे। दुनिया की बात करें तो कोरोना काल से पहले सिर्फ 3 फीसद कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करते थे, लेकिन लॉकडाउन में ज्यादातर देशों में यह आंकड़ा 20 से 30 फीसद पहुंच गया है।  

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