इंदौर, जेएनएन। शहर के निजी अस्पतालों में बेड और व्यवस्था की कमी को देखते हुए अब उनके नजदीक के होटलों का अधिग्रहण कर उनको कोविड अस्पताल के रूप में उपयोग किया जाएगा। इन होटलों में बिना लक्षण वाले कोरोना मरीजों को भर्ती किया जाएगा। निजी अस्पतालों की समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने यह योजना तैयार की है। कलेक्टर मनीष सिंह ने मंगलवार रात हुई बैठक में कॉरपोरेट अस्पताल संचालकों के समक्ष प्रस्ताव रखा है कि वे अपने नजदीक के होटलों के नाम बताएं, जिन्हें कोविड मरीजों के इलाज के लिए उपलब्ध कराया जा सके।

संबंधित होटल का अधिग्रहण कर प्रशासन अस्पताल को सौंप देगा। अस्पताल संचालक को होटल का किराया देना पड़ेगा। इसके लिए दोनों पक्ष आपसी सहमति से किराया तय कर लेंगे। इसके बाद अस्पताल संचालक अपना स्टाफ लगाकर वहां मरीज भर्ती कर सकेगा। निजी अस्पतालों को नर्स उपलब्ध कराएंगे नर्सिंग कॉलेज बैठक में नर्सिग कॉलेज एसोसिएशन के पदाधिकारियों को भी बुलाया गया था। इसमें नर्सिग कॉलेज संचालकों ने भरोसा दिलाया कि वे अस्पतालों को उनकी जरूरत के हिसाब से नर्स उपलब्ध कराएंगे। इसमें नर्सों के वेतन को लेकर मुद्दा सामने आया।

कलेक्टर ने अस्पताल संचालकों से कहा कि एक नर्सिंग विद्यार्थी को कम से कम 10 हजार रपये स्टायपेंड के रूप में देने होंगे। कुछ अस्पताल तो इससे ज्यादा भी दे रहे हैं। उन्होंने नर्सिंग कॉलेज संचालकों से साफ तौर पर कहा कि ऐसे संकट के समय जो नर्सिंग कॉलेज नर्स का इंतजाम करने में कोताही बरतेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Neel Rajput

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