नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। लॉकडाउन के चलते सीबीएसई, आईसीएसई सहित देश भर के अन्य शैक्षणिक बोर्डों की 10 वीं और 12 वीं की अटकी परीक्षाओं को गृह मंत्रालय ने अब कुछ शर्तों के साथ कराने की इजाजत दे दी है। इस दौरान कंटेनमेंट जोन में परीक्षा केंद्र न बनाने की साफ हिदायत दी है। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों में आने वाले छात्रों और शिक्षकों का अनिवार्य रूप से थर्मल स्क्रीनिंग कराने और सेनीटाइजर की व्यवस्था कराने के भी निर्देश दिए है। वहीं परीक्षा केंद्र में आने वाले सभी छात्रों के लिए मास्क अनिवार्य किया गया है। 

गृह मंत्रालय ने जारी की गाइडलाइन

गृह मंत्रालय की इस रियायत के साथ ही प्रस्तावित सभी बोर्ड परीक्षाओं को कराने का रास्ता भी साफ हो गया था। अब तक सभी बोर्डों ने अटकी हुई इन सभी परीक्षाओं को कराने की तारीखों का ऐलान तो कर दिया था, लेकिन लॉकडाउन में स्कूलों के पूरी तरह से बंद रखने का ही फैसला लिए जाने से इसे लेकर असमंजस पैदा हो गया है। राज्यों ने इस संबंध में गृह मंत्रालय और मानव संसाधन विकास मंत्रालय से परीक्षाओं के लिए स्कूलों को खोलने की छूट देने की मांग की थी। इस बीच बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर अटकी हुई बोर्ड की सभी परीक्षाओं को कराने की इजाजत देने की जानकारी दी। इसके साथ ही गृह मंत्रालय ने परीक्षाओं को लेकर एक गाइडलाइन भी जारी की है। 

कंटेंनमेंट जोन में परीक्षा केंद्र नहीं बनाने को कहा 

केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को भेजी गई इस गाइडलाइन में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए है। इसके तहत कंटेंनमेंट जोन यानी ज्यादा संक्रमित क्षेत्रों में परीक्षा केंद्र न बनाने को कहा है। इसके साथ ही छात्र, शिक्षक और दूसरे सभी कर्मचारियों के लिए मास्क पहनने को अनिवार्य किया गया है। वहीं छात्रों को परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित तरीके से लाने और घरों तक पहुंचाने के लिए बसों की विशेष व्यवस्था करने जैसे निर्देश भी दिए है। गौरतलब है कि सीबीएसई ने बोर्ड की बची परीक्षाओं को एक से पंद्रह जुलाई के बीच कराने की योजना बनाई है। इसी तरह कई राज्यों ने भी बोर्ड की बाकी बची परीक्षाओं को लेकर भी तारीखें घोषित कर रखी है। 

सीबीएसई की बची परीक्षाएं अब वहीं होगी, जहां छात्र पढते थे: निशंक 

केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि सीबीएसई की बाकी बची सभी परीक्षाएं अब उन्हीं स्कूलों में होगी, जहां छात्र पढ़ाई (इनरोल्ड) कर रहे थे। यानि सेल्फ सेंटर होगा। केंद्रीय मंत्री के इस ऐलान को छात्रों के लिए राहत भरा एक बड़ा कदम माना जा रहा है। क्योंकि ऐसे समय में उन्हें दूर-दराज के परीक्षा केंद्रों पर भेजने से उन्हें व्यर्थ की परेशानी का सामना करना होता। वैसे भी लाकडाउन के प्रतिबंधों के चलते अभी भी ठीक से आवागमन की सुविधा बहाल नहीं हो सकी है।

निशंक ने इसके साथ ही सीबीएसई के दसवीं और बारहवीं के रिजल्ट को जुलाई अंत तक घोषित करने की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का काम शुरु हो गया है। बची परीक्षाओं के खत्म होने के दस दिन के भीतर इनका ऐलान कर दिया जाएगा। 

 

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