style="text-align: justify;"> नई दिल्ली, प्रेट्र। हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव ने सुप्रीम कोर्ट में व्यक्तिगत तौर पर पेश होकर माफी मांगी है। सर्वोच्च अदालत ने उन्हें सात फरवरी को तलब किया था, क्योंकि एक मामले में राज्य की तरफ से पैरवी के लिए कोई वकील पेश नहीं हुआ।

जस्टिस एनवी रामना व एस अब्दुल नजीर की बेंच ने मुख्य सचिव विनीत चौधरी से कहा कि कानूनी मामलों में राज्य के वकील की गैरहाजिरी आम बात हो गई है। यह पहली बार नहीं है जब कोई वकील राज्य की तरफ से पेश नहीं हुआ, बल्कि यह बात बेहद रुटीन हो गई है कि राज्य का जब कोई मामला सुप्रीम कोर्ट में लगता है तो वकील पेश नहीं होता। मुख्य सचिव ने सशर्त माफी मांगते हुए कहा कि आगे से ऐसा नहीं होगा। उनका कहना था कि वह जनवरी में मुख्य सचिव बने हैं। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में नवगठित भाजपा सरकार ने वीरभद्र सरकार की कई नियुक्तियों को खारिज कर दिया है जिससे यह संकट हुआ।

Posted By: Manish Negi