जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। 3600 करोड़ के वीवीआइपी हेलीकॉप्टर सौदा घोटाला से जुड़े मामले में आरोपित दुबई स्थित दो कंपनियों की महिला निदेशक शिवानी राजीव सक्सेना ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें उनके खिलाफ दर्ज मनी लांड्रिंग केस व इस मामले में दाखिल किए गए पूरक आरोप पत्र को रद किए जाने की मांग की गई है। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार व प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 14 दिसंबर को होगी।

याचिका में शिवानी राजीव सक्सेना ने मनी लांड्रिंग में दर्ज मामले को असंज्ञेय घोषित करने की मांग की है। उन्होंने दलील दी कि यह संज्ञेय अपराध नहीं है, जिसमें पुलिस बगैर किसी वारंट के अपराधी को गिरफ्तार कर सके। शिवानी को ईडी ने 16 जुलाई 2017 को गिरफ्तार किया था और 15 दिसंबर 2017 को उन्हें जमानत दी गई थी। इसमें आरोपित को पासपोर्ट जमा कराने के साथ ही, जांच अधिकारी को मोबाइल नंबर और पता देने के लिए कहा गया था। हालांकि इससे पूर्व एक बार हाई कोर्ट ने सितंबर माह में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

बता दें ईडी ने इस मामले में 13 सितंबर को ही शिवानी, राजीव व अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। इसमें आरोप लगाया गया था कि दुबई स्थित दो कंपनियों के जरिए पूरी डील की गई थी। इसके बाद ट्यूनीशिया स्थित दो फर्मो के जरिए अगस्टावेस्टलैंड, यूनाइटेड किंगडम ने 58 मिलियन यूरो (करीब 464 करोड़) की रिश्वत का भुगतान किया था। घोटाले की रकम से अचल संपत्ति सहित शेयर भी खरीदे गए।

Posted By: Ravindra Pratap Sing

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