भुवनेश्वर, जेएनएन। फणि तूफान से प्रभावित ओडिशा के पांच जिलों में महामारी की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने हाई अलर्ट जारी किया गया है। जिन जिलों को इस श्रेणी में रखा गया है, उनमें सर्वाधिक प्रभावित पुरी, खुर्दा, कटक, जगत¨सहपुर और केंद्रपाड़ा शामिल हैं।

उक्त जिलों में सभी सरकारी एवं गैरसरकारी अस्पतालों को सख्त निर्देश दिया गया है कि अगर उल्टी, दस्त, बुखार आदि की शिकायत वाले मरीज इलाज के लिए आते हैं तो उनकी पूरी तरह से जांच की जाए, खून के नमूने की जांच अवश्य कराई जाए।

हालांकि, तूफान गुजर जाने के बाद से उल्टी, दस्त व बुखार के मरीजों की संख्या काफी कम है, फिर भी शासन ने एहतियात के तौर पर सभी मरीजों के खून की जांच कराने के लिए निर्णय लिया है। इसके लिए जिला प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है। आमतौर पर तूफान के बाद प्रभावित इलाकों में जमा कूड़े कचरे के कारण महामारी फैल जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए शासन ने यह कदम उठाया है।

सीएम ने लिया राहत एवं बचाव कार्य का जायजा
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने फणि तूफान से हुए नुकसान एवं राहत कार्यो का बुधवार को पुरी में जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से राहत कार्य में तेजी लाने तथा तत्काल बिजली सेवा बहाल करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने एक सप्ताह के अंदर जिले में हुए नुकसान का आकलन कर लोगों के पास सहायता राशि पहुंचाने को प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने लोगों को भरोसा दिया कि ऐतिहासिक पुरी शहर की रौनक बहुत जल्द सुधरेगी।

राशन कार्ड नहीं, फिर भी मिलेंगे 50 किलो चावल
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा है कि लोगों का सहयोग मिलने से सभी कार्य जल्द से जल्द पूरे कर लिए जाएंगे। उन्होंने कहा है कि पुरी में जिन परिवार के पास राशन कार्ड नहीं हैं, उन्हें भी 50 किलो चावल दिया जाएगा। इसी तरह बिजली न आने तक हर परिवार को 2.5 लीटर केरोसिन प्रतिदिन दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि फणि तूफान के कारण पुरी में बिजली सेवा पूरी तरह से ठप है। हजारों पेड़ उखड़ गए हैं। बिजली सेवा बहाल करने के लिए पुरी में 10 हजार कर्मचारी दिन रात काम कर रहे हैं। पुरी की स्वभाविक स्थिति लौटाने के लिए युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। पहले चरण में पुरी को एक फीडर से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, वहीं नीमापड़ा एवं कोणार्क एनएसी में गुरुवार से बिजली सेवा बहाल कर दी गई है।

आपदा प्रबंधन केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव
प्रदेश की राजधानी भुवनेश्वर में अंतरराष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संचालन केंद्र स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने संयुक्त राष्ट्र संघ, विश्व बैंक एवं एशिया विकास बैंक (एडीबी) के अधिकारियों को प्रस्ताव दिया है। मुख्यमंत्री ने यह केंद्र स्थापित करने के लिए राज्य सरकार की ओर से हर प्रकार की सुविधा देने की बात भी कही है। बुधवार को संयुक्त राष्ट्र संघ, विश्व बैंक एवं एडीबी के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से मुलाकात की। यह मुलाकात वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के साथ हुई।

 

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