नई दिल्‍ली, एएनआइ। दिल्‍ली, राजस्‍थान, हरियाणा, उत्‍तर प्रदेश समेत कई राज्‍य चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों से जूझ रहे हैं। ऐसे में मौसम विभाग की ओर से एक अच्‍छी खबर आई है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले पांच दिनों में नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा जैसे स्थानों पर आज भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। वहीं असम, मेघालय, केरल और पश्चिम बंगाल में बारिश होने की संभावना है।

वैसे मौसम विभाग के मुताबिक, इस बार मानसून सामान्य के आसपास ही रहेगा। 96 फीसद तक बारिश हो सकती है। हालांकि इसमें पांच फीसद तक की कमी या वृद्धि होने की संभावना हमेशा बनी रहती है। बाकी जून के प्रथम सप्ताह में मानसून का एक और पूर्वानुमान जारी किया जाएगा। इसमें उत्तर भारत सहित दिल्ली-एनसीआर के बारे में अधिक स्पष्ट आकलन होगा। इस पूर्वानुमान की सटीकता और गहनता के लिए अलनीनो की परिस्थितियों के साथ-साथ प्रशांत एवं हिंद महासागर की सतह के तापमान पर भी निगाह रखी जा रही है। इतना जरूर कहा जा सकता है कि मानसून के शुरुआती माह में भले बहुत ज्यादा बारिश न हो, लेकिन अंतिम दो माह में खूब अच्छी बारिश होने के आसार हैं।

वहीं, स्काईमेट वेदर तो 93 फीसद बारिश बता रहा है और इसके लिए अलनीनो को जिम्मेदार ठहरा रहा है? स्काईमेट वेदर के अनुमान से हम इत्तेफाक नहीं रखते। जहां तक अलनीनो का सवाल है तो हमने 15 अप्रैल को जारी किए गए अपने पहले मानसून अपडेट में भी बताया था कि अलनीनो का प्रभाव कम हो रहा है। यह सही भी साबित हो रहा है। वार्मिंग का जो आंकड़ा उस समय 0.9 फीसद था, अब घटकर 0.7 फीसद हो गया है। अलनीनो का घटता प्रभाव सीधे तौर पर मानसून के सामान्य रहने की ओर इशारा कर रहा है।

खेती के लिए भी यह मानसून बढ़िया रहेगा। देश की खेती का 50 फीसद हिस्सा जो असिंचित है और बरसाती पानी पर निर्भर है, देश की अर्थव्यवस्था में 15 फीसद की हिस्सेदारी रखता है। हालांकि मानसून की बारिश का अगला और गहन अपडेट जून के प्रथम सप्ताह में ही जारी होगा, लेकिन हम मान रहे हैं कि खेती भी इस साल मानसून में खूब लहलहाएगी।

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Posted By: Tilak Raj

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