नई दिल्ली [जागरण न्यूज नेटवर्क]। आम तौर सुखद अनुभूति की पर्याय बारिश और बादलों ने बुधवार को कुछ कश्मीर, हिमाचल और राजस्थान में बुरी तरह कहर ढाया। राजस्थान में मू्रसलाधार बारिश ने 20 लोगों की जान ले ली और कई लोगों को बेघर कर दिया। दर्जन भर लोग लापता हैं। कश्मीर में एलओसी से सटे गुरेज सेक्टर में बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई और सीमा सुरक्षा बल [बीएसएफ] की एक चौकी समेत सात जवान बह गए। छह को बचा लिया गया। एक की तलाश जारी है। वहीं हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में मंगलवार रात करीब छह स्थानों पर बादल फटने से सैकड़ों बीघा जमीन बह गई है।

राजस्थान में बुधवार को करीब आधा दर्जन जिलों में भारी बारिश होती रही। झुंझुनूं के नवलगढ़ में 400,अजमेर के केकडी में 300 मिलीमीटर बारिश के चलते बाढ़ जैसे हालात हैं। जयपुर में पिछले 53 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से टेलीफोन पर बात कर हालात की जानकारी ली।

जयपुर के निचले इलाकों में पानी भर गया। इससे 50 हजार लोगों के प्रभावित होने का अनुमान है। जयपुर, केकड़ी, नवलगढ़ में कई घर, दुकान और वाहन पानी के तेज बहाव में बह गए। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये मदद की पेशकश की है।

कश्मीर के बांडीपोरा में एलओसी से सटे गुरेज सेक्टर के अग्रिम इलाके में मंगलवार रात अचानक बादल फटा और भीषण बाढ़ आ गई। बीएसएफ की 113वीं बटालियन की चौकी सहित सात जवान बह गए। राहतकर्मियों के दल ने पूरी रात चले अभियान में छह जवानों को बचा लिया गया, सातवां अभी तक लापता है। बीएसएफ के प्रवक्ता ने बताया कि हम लापता जवान केएन तिवारी निवासी बिहार को ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं। लगातार दूसरे दिन जम्मू संभाग में मूसलाधर बारिश मुसीबत बनकर टूटी। कई जगह भूस्खलन, बाढ़, हाईवे जाम और कई संपर्क मार्गो के कट जाने की खबरें हैं।

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में छह जगह बादल फटे। मंडी जोन में 64 मार्ग बंद हैं। बारिश से इस जोन में सड़कों का 471.75 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है। बिलासपुर, कांगड़ा जिलों में कई जगहों से भूस्खलन और मकान क्षतिग्रस्त होने की खबरें हैं।

मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर