लखनऊ (विधि संवाददाता)। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने यश भारती पुरस्कारों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से पूछा है कि पुरस्कार किस वित्तीय मद से दिए जा रहे हैं?

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याचिका में कहा गया है कि यह पुरस्कार मनमाने तरीके से दिए जा रहे हैं। याची ने इसी आधार पर यश भारती पुरस्कार को रद करते हुए पारदर्शी प्रक्रिया से नियमानुसार अवार्ड देने की प्रार्थना की है। न्यायालय ने याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार से कई बिंदुओं पर जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति एपी शाही और न्यायमूर्ति एआर मसूदी की खंडपीठ ने सरकार से पूछा है कि यह पुरस्कार किस वित्तीय मद से दिए जा रहे हैं। पुरस्कार देने के लिए निर्धारित अर्हता और चयन के लिए अपनाए जाने वाली प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी देने का निर्देश दिया है।

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न्यायालय ने यह भी पूछा है कि क्या इस प्रकार के पुरस्कार उपाधि नहीं देने की संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप हैं। न्यायालय ने पुरस्कार के लिए आवेदन मंगाए जाने की प्रक्रिया पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि पुरस्कार मांगे नहीं जाते, स्वयं दिए जाते हैं।

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