नई दिल्‍ली, जेएनएन। दुनिया में ही नहीं भारत में भी कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन तेजी से अपना पांव पसार रहा है। इससे सवाल उठता है कि क्‍या देश में तीसरी लहर आ चुकी है। कुछ विशेषज्ञ इसकी आहट के संकेत दे चुके हैं। आखिर विशेषज्ञ कब तीसरी लहर आने की बात कर रहे है। भारत में जिस तरह से ओम‍िक्रोन वायरस का प्रसार हो रहा है। अब 24 घंटे में ढाई लाख से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। कोरोना की तीसरी लहर में ऐसा पहली बार हुआ है। हालांकि, राहत की बात रही कि इस दौरान बड़ी तादाद में लोगों को अस्‍पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं पड़ रही है। इसके अलावा बड़ी संख्‍या में मरीज ठीक होकर घर लौट रहे है।

1- नेशनल कोविड-19 सुपरमाडल समिति ने कोरोना की तीसरी लहर का अनुमान किया है। समिति ने कहा है कि फरवरी में तीसरी लहर पीक पर होगी। हालांकि, तीसरी लहर दूसरी वेव जितना खतरनाक नहीं होगी। गाजियाबाद स्थिति यशोदा अस्‍पताल के एमडी डा. पीएन अरोड़ा का कहना है कि एक बार ओमिक्रोन मुख्‍य वैरिएंट के तौर पर डेल्‍टा को रिप्‍लेस करना शुरू करेगा तो कोरोना के मामले तेजी से बढ़ेगे। ओमिक्रोन वैरिएंट तीसरी लहर का कारण बनेगा। निश्चित रूप में कोरोना की तीसरी लहर आ चुकी है।

2- उन्‍होंने कहा कि एक दिन में दो लाख केस मिलना तीसरी लहर के ही संकेत हैं। डा अरोड़ा ने कहा कि जहां तक पीक का सवाल है यह फरवरी व मार्च तक जा सकती है। उन्‍होंने कहा कि रोजाना एक से दो लाख केस आना तीसरी लक्ष्‍ण के ही संकेत हैं। उन्‍होंने कहा कि लेकिन इससे भयभीत होने की जरूरत नहीं है। उन्‍होंने कहा कि इसका कारण बड़ी संख्‍या में लोगों को वैक्‍सीन लग जाना है।

3- डा. अरोड़ा का कहना है कि कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी दो बातों पर निर्भर करेगी। पहला, ओमीक्रोन किस हद तक उस नेचुरल इम्‍यूनिटी को बाइपास करता है, जो डेल्‍टा के संपर्क में आने से हासिल हुई है। दूसरा, यह क‍ि वैक्‍सीनेशन से प्राप्‍त इम्‍यूनिटी को कितना बाइपास करता है। इन दोनों बातों का जवाब न होने के कारण कई तरह की संभावनाएं बन रही हैं। डा. अरोड़ा का कहना है कि सीरो सर्वे के अनुसर देश ने पुराने अनुभवों को देखते हुए अपनी क्षमताओं में भी इजाफा कर लिया है। ऐसे में यह उम्‍मीद की जाती है कि नई चुनौती से निपटा जा सकता है। उन्‍होंने कहा कि देश में तीसरी लहर दूसरी लहर जितनी खतरनाक नहीं होगी।

4- उन्‍होंने कहा कि भारत में तेजी से लोगों को कोरोना वैक्सीन के डोज लगाए जा रहे हैं। इस क्रम में अभी तक 154.61 करोड़ वैक्सीन लगाई जा चुकी है। भारत में लगभग 64 करोड़ लोग वैक्सीन के दोनों डोज ले चुके हैं। देश में 46 फीसद से अधिक लोग कोरोना वैक्सीन की पर्याप्त खुराक ले चुके हैं। वहीं, भारत में घातक कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रोन कुल 5,488 मामले सामने आ चुके हैं। देशभर के कई राज्यों में नए वेरिएंट को देखते हुए प्रतिबंध लागू किए गए हैं।

क्‍या कहती है संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में कोरोना की तीसरी लहर इसी माह के अंत तक चरम पर होने की आशंका है। रोजाना छह से आठ लाख केस सामने आ सकते हैं। हालांकि, संक्रमण की रफ्तार जितनी तेज हो रही है, उतनी ही तेजी से कम भी होगी। 15 फरवरी के बाद तेजी से गिरावट देखने को मिल सकती है। भारत में अप्रैल और जून 2021 के बीच कोरोना के डेल्टा स्वरूप की घातक लहर में 2.40 लाख लोगों की मौत हो गई थी और आर्थिक सुधार बाधित हुआ था। निकट समय में फिर इसी तरह के हालात उत्पन्न हो सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र विश्व आर्थिक स्थिति एवं संभावनाएं 2022 रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कोरोना के अत्यधिक संक्रामक ओमिक्रोन स्वरूप के संक्रमण की नई लहरों के कारण मृतकों की संख्या और आर्थिक नुकसान में फिर से वृद्धि होने का अनुमान है।

Edited By: Ramesh Mishra