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'सुविधा नहीं, संविधान', हार्वर्ड से जुड़े भारतीयों ने की चुनाव आयोग के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों की आलोचना

Published: Wed, 14 Oct 2026 03:00 PM (IST)

हार्वर्ड से जुड़े भारतीय नागरिकों ने चुनाव आयोग के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर चिंता जताई है। उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान और निष्पक्ष जांच की अपील की।

दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन की तस्वीर (फाइल)

दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन की तस्वीर (फाइल)

HighLights

  1. हार्वर्ड से जुड़े भारतीयों ने चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध पर चिंता जताई।

  2. संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान और निष्पक्ष जांच की अपील की।

  3. हार्वर्ड नाम के दुरुपयोग पर आपत्ति, 'संविधान' पर जोर।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन की विदेशों में भी चर्चा हो रही है। इसी कड़ी में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से जुड़े भारतीय नागरिकों के एक समूह ने चिंता जाहिर की है।

बुधवार को जारी बयान में संस्था ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के नाम के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई है। जारी बयान में कहा कि बिना सही अनुमति के किसी राजनीतिक अभियान को विश्वनीयता देने के कोशिश नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही ये अपील की गई कि संवैधानिक मूल्यों व लोकतंत्र से जुड़ी संस्था के प्रति ज्यादा सम्मान की जरूरत है।

कई शब्दों पर जताई आपत्ति

बयान में इस बात पर भी चिंता जताई गई है कि चुनाव आयोग, मुख्य न्यायाधीश कार्यालय, सुप्रीम कोर्ट और संसद के खिलाफ नकारात्मक बातें सार्वजनिक मंच से हो रही हैं। इसके साथ ही सुनियोजित अभियान को लेकर भी रोष व्यक्त किया गया है। 'चोर' और 'समझौता करने वाले' जैसे शब्दों पर ऐतराज जताया गया है।

कम नहीं होना चाहिए लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भरोसा

उन्होंने कहा कि ऐसी बातें लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता के भरोसे को कम करती हैं। इसके साथ ही गंभीर चिंता पैदा करती है कि लोग कैसे इस तरह के माहौल में विश्वास करेंगे।

निष्पक्ष जांच की मांग

बयान में कहा गया कि ऐसी संस्थाओं के कामों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। हालांकि जांच के बारे में भी संस्था ने कहा कि ये उचित प्रक्रिया और सही सबूत पर ही आगे बढ़े। उन्होंने सरकारी अधिकारियों और उनके पदों का सम्मान करने की जरूरत पर भी जोर दिया। बयान में कहा गया, "संविधान, कानून के शासन और नागरिक स्वतंत्रता का हर समय सम्मान किया जाना चाहिए, न कि सिर्फ तब जब यह हमारे हितों के अनुकूल हो।"

इन लोगों ने उठाई आवाज

बयान के आखिरी में कहा कि हमारा संकल्प संविधान के प्रति होना चाहिए, न कि सुविधा के प्रति। हस्ताक्षर करने वाले हार्वर्ड के कई स्कूलों से जुड़े हैं। इनमें हार्वर्ड मेडिकल स्कूल, हार्वर्ड कैनेडी स्कूल, हार्वर्ड लॉ स्कूल, हार्वर्ड बिजनेस स्कूल, हार्वर्ड एक्सटेंशन स्कूल, हार्वर्ड डिविनिटी स्कूल, हार्वर्ड टीएच चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ और हार्वर्ड ग्रेजुएट स्कूल ऑफ एजुकेशन शामिल हैं। 

इनमें हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के एके राघवन और अभिज्ञान सत्यम; हार्वर्ड कैनेडी स्कूल के अभिषेक एम, भानु नागराजन, भव्य बिश्नोई, दीपांशु अग्रवाल, दिव्या द्विवेदी और जया अवस्थी; और हार्वर्ड लॉ स्कूल के आदित्य श्रीनिवासन और अल्मास लोखंडवाला शामिल थे।