नई दिल्ली, प्रेट्र। कोरोना वैक्सीनेशन मामले में जो जिले पिछड़े हुए हैं वहां केंद्र सरकार की ओर से एक अभियान 'हर घर दस्तक' की शुरुआत की जाएगी। इसके तहत घर-घर जाकर कोरोना वैक्सीनेशन के प्रति लोगों को जागरुक किया जाएगा। इसकी जानकारी बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया (Mansukh Mandaviya) ने दी। उन्होंने बताया कि जल्द ही 'हर घर दस्तक' अभियान की शुरुआत की जाएगी और लोगों को इस घातक कोरोना संक्रमण के खिलाफ वैक्सीन लगवाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- 2 नवंबर से हो अभियान की शुरुआत

ऐसे लगभग 48 जिलों की पहचान की गई है जहां पात्र लाभार्थियों में से 50 फीसदी से भी कम लोगों ने पहली खुराक ली है। विभिन्न राज्यों व केंद्रशासित प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, 'ऐसा कोई जिला न बचे जहां पूर्ण कोरोना टीकाकरण न हुआ हो।' उन्होंने कहा, 'लोगों को कोराना टीकाकरण के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए जल्द ही हर जिले में हर घर दस्तक अभियान शुरू किया जाएगा। नवंबर 2021 के अंत तक सभी योग्य लोगों को कोराना वैक्सीन की पहली खुराक मिल जानी चाहिए।' मांडविया ने राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को सलाह दी कि 2 नवंबर को धन्वंतरी जयंती के मौके पर इस कैंपेन को शुरू करें।

देश की 76 फीसद व्यस्क आबादी ले चुकी है कम से कम एक खुराक

भारत की 76 प्रतिशत से अधिक वयस्क आबादी को कोरोना वैक्सीन की कम से कम एक खुराक मिली है। नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अपने यहां सभी पात्र लोगों को पहली डोड दी है। लक्षद्वीप, सिक्किम, गोवा, लद्दाख, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, मिजोरम, दमन और दीव, अरुणाचल प्रदेश, और जम्मू व कश्मीर ऐसे राज्य हैं जहां शत प्रतिशत वयस्क आबादी को टीका लग चुका है।स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि देश के लगभग 94 करोड़ वयस्कों में से 32 प्रतिशत से अधिक वयस्कों को दोनों खुराक दी गई हैं।

Edited By: Monika Minal