विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सतर्कता जांच जारी', केरलम विधानसभा में बोले मंत्री पीके बशीर

Published: Thu, 29 Oct 2026 11:17 PM (IST)

केरलम के लोक निर्माण मंत्री पीके बशीर ने विधानसभा में बताया कि दो दशक पुराने सड़क परियोजना भ्रष्टाचार मामले में सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सतर्कता जांच जारी है।

सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जांच जारी

सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जांच जारी

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, तिरुवनंतपुरम। केरलम के लोक निर्माण विभाग के मंत्री पीके बशीर ने कहा कि दो दशक पहले एक सड़क परियोजना में भ्रष्टाचार के आरोपों के संबंध में सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) ने प्रारंभिक जांच के आदेश दिए थे।

उस समय सीईसी ज्ञानेश कुमार लोक निर्माण विभाग के सचिव थे। जांच जारी है और इसकी रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है।

बशीर गुरुवार को केरल विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायकों बीबी गोपकुमार, वी मुरलीधरन और राजीव चंद्रशेखर के सवालों का जवाब दे रहे थे। विधायकों ने मामले में शुरू की गई सतर्कता जांच की स्थिति के बारे में पूछा था।

मंत्री ने कहा कि 2006 में वीएसीबी की ओर से की गई जांच में कुछ विसंगतियां थीं, इसलिए प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए। उन्होंने बताया कि परियोजना के संबंध में अधिकारियों की ओर से कथित अनियमितताओं के कारण सरकार को 700 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

मंत्री केरल परिवहन परियोजना (केएसटीपी) में भ्रष्टाचार का जिक्र कर रहे थे। यह परियोजना 2006 में शुरू की गई थी, जब मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार लोक निर्माण विभाग के सचिव थे। 2006 में केएसटीपी ने अंगमाली से तिरुवनंतपुरम तक एमसी रोड के पुनर्निर्माण के लिए विश्व बैंक से वित्तपोषित 215 करोड़ रुपये की परियोजना शुरू की थी।

मलेशियाई कंपनी और भागीरथ इंजीनियरिंग के संयुक्त उद्यम पीएटीआई-बेल को यह परियोजना सौंपी गई थी। काम मलेशियाई कंपनी ने किया था। उसके परियोजना इंजीनियर लीसी बीन ने निर्माण के दौरान कई शिकायतें की थीं। बाद में वह मलेशिया लौट गए और आत्महत्या कर ली।

(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)