राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। श्रीनगर में आतंकियों ने शुक्रवार देर शाम छन्नपोरा पुलिस चौकी पर हमला किया। इसमें एक पुलिसकर्मी शहीद हो गया। हमले के बाद आतंकियों को पकड़ने के लिए पूरे शहर में नाकेबंदी करते हुए विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने चार संदिग्धों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।

 हमले की जिम्मेदारी अल-उमर मुजाहिदीन नामक आतंकी संगठन ने ली है। यह संगठन बीते डेढ़ दशक से लगभग निष्कि्रय ही था। इसके चीफ कमांडर का नाम मुश्ताक अहमद जरगर उर्फ मुश्ताक लटरम है, जिसे 2000 में तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने कंधार हाईजैक के दौरान जैश सरगना मसूद अजहर संग रिहा किया था। लटरम श्रीनगर के डाउन-टाउन का रहने वाला है।

एसडीपीओ सदर शब्बीर खान ने बताया कि शुक्रवार शाम को अंधेरा होने के बाद संदिग्ध आतंकी छन्नपोरा चौकी के पास पहुंचे। उन्होंने चौकी के गेट पर खड़े पुलिसकर्मियों को निशाना बनाते हुए अपने स्वचालित हथियारों से अंधाधुध फाय¨रग की। आतंकियों ने ग्रेनेड भी फेंका।

गेट पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने खुद को बचाते हुए जवाबी फायर किया, लेकिन वहां आसपास मौजूद आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने कुछ संयम बरता। इसका फायदा आतंकियों ने लिया और वह सुरक्षित स्थानों की तरफ भाग रहे लोगों की भीड़ में गायब हो गए। हमले में पट्टन का रहने वाला पुलिसकर्मी फिरोज अहमद जख्मी हो गया। उसे उपचार के लिए सेना के 92 बेस अस्पताल में ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।

आइजीपी कश्मीर एसपी पाणी ने कहा कि हमले के फौरन बाद पूरे इलाके को घेर लिया गया है। इसके अलावा शहर में आने जाने के सभी रास्ते बंद करते हुए नाकेबंदी सख्त कर दी गई है। शहर में आतंकियों के सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। हम जल्द ही इन आतंकियों को पकड़ लेंगे। इस बीच, आतंकी संगठन अल-उमर मुजाहिदीन के सरगना मुश्ताक लटरम ने गुलाम कश्मीर से बयान जारी कर आने वाले दिनों में सुरक्षाबलों पर और हमलों की धमकी दी है।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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