अहमदाबाद [जागरण संवाददाता]। गुजरात हाई कोर्ट ने नरोडा पाटिया दंगा मामले में सजा काट रहीं पूर्व मंत्री डा. मायाबेन कोडनानी को बुधवार को जमानत दे दी। जस्टिस वीएम शाह एवं जस्टिस आरपी धोलेरिया की पीठ ने खराब सेहत को देखते हुए कोडनानी को जमानत दी है।

गौरतलब है कि गुजरात में तत्कालीन नरेंद्र मोदी की सरकार में महिला एवं बाल कल्याण राज्यमंत्री रहीं कोडनानी को अहमदाबाद के नरोडा पाटिया दंगा मामले में स्थानीय अदालत ने दोषी करार देते हुए 31 अगस्त 2012 को 28 साल की सजा सुनाई थी। अप्रैल 2013 में मायाबेन ने फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देते हुए नियमित जमानत मांगी थी। नरोडा पाटिया में 97 को मार डाला गया था जिसमें मायाबेन के अलावा बजरंग दल नेता बाबू बजरंगी समेत 29 लोगों को सजा सुनाई गई थी।

कोडनानी के वकील मितेश अमीन ने हाई कोर्ट में दाखिल याचिका में कोडनानी की खराब सेहत का हवाला देते हुए कहा था कि उनकी मानसिक हालत ठीक नहीं है और वे आत्महत्या जैसी मानसिकता में जी रही हैं। याचिका में कहा गया था कि मायाबेन को टीबी जैसी गंभीर बीमारी होने के अलावा रीढ़ की हड्डी में दर्द रहता है। फरवरी 2014 से मायाबेन को नियमित इलेक्ट्रिक शॉक दिए जा रहे हैं जिससे लगातार उनकी सेहत में गिरावट आ रही है।

इस मामले में सजा पाए लोगों में मायाबेन पहली दोषी हैं जिन्हें जमानत मिली है। हालांकि इससे पहले फरवरी में भी उन्हें हाई कोर्ट ने अंतरिम जमानत पर रिहा किया था, लेकिन अदालत द्वारा जमानत अवधि नहीं बढ़ाने के कारण उन्हें उसी माह आत्मसमर्पण करना पड़ा था।

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