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कानपुर, जागरण संवाददाता। परिवहन निगम को उसके ही कारिंदे चूना लगा रहे हैं। बिना टिकट यात्री तो अमूमन हर बस में मिल जाते हैं लेकिन यहां तो जनाब ने पूरी की पूरी बस ही बेच दी। यात्रियों की जगह बस में बारात सवार थी और दूल्हे से लेकर बाराती सभी बेटिकट थे।

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वाक्या मंगलवार शाम सवा छह बजे का है। परिवहन विभाग की टीम ने घाटमपुर रोड पर साढ़ के पास जाल बिछाया था। कानपुर से जहानाबाद जा रही किदवई नगर डिपो की अनुबंधित बस को चेकिंग दस्ते ने रुकने का इशारा किया। बस की गति पहले धीमी हुई और टीम के पास आते ही बस को भगाने का प्रयास किया गया। हालांकि टीम ने भी पीछा करके कुछ दूरी पर बस को रुकवा लिया। इसके बाद जब चेकिंग शुरू हुई तो दस्ते के होश ही उड़ गए। बस में यात्री नहीं बल्कि बारात सवार थी। दूल्हे से लेकर पूरी बारात बेटिकट थी। चेकिंग दल ने जब नाराजगी जताई और कार्रवाई की तैयारी की तो मौका पाकर परिचालक फरार हो गया। इसके बाद टीम ने चालक से पूछताछ की। चालक रुद्र ने बताया कि बस में रोडवेज के परिचालक विजय सिंह की ड्यूटी थी। निरीक्षक शंकर सिंह गौड़, राम शंकर अग्निहोत्री और एसपी त्रिवेदी ने बताया कि गल्ला मंड़ी नौबस्ता निवासी राम सजीवन के बेटे रवि की बारात जहानाबाद जा रही है। यातायात निरीक्षक ने बताया कि यह बस किदवई नगर डिपो से सोमवार को पुखरायां और इटावा के बीच सवारी ढोने के लिए निकली थी, लेकिन चोरी छिपे बस से बारात ले जाई जा रही थी।

विभाग अब बस के कंडक्टर को निलंबित करने की तैयारी कर रहा है क्योंकि अनुबंधित बस में कंडक्टर ही विभाग का होता है। इस मामले में निगम को करीब 39,000 रुपये की हानि हुई है। निलंबन के साथ कंडक्टर से रिकवरी की तैयारी की जा रही है। बस का अनुबंध भी खत्म किया जाएगा।

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