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    ग्रीन इकोनमी पैदा कर सकती है चार करोड़ से ज्यादा नौकरियां, रोजगार के मिलेगे नए मौके

    Updated: Sat, 29 Nov 2025 07:44 AM (IST)

    भारत की ग्रीन इकोनमी 2047 तक देश में 48 करोड़ नौकरियां पैदाकर सकती है। इसमें से आधी नौकरियां जैव अर्थव्यवस्था, प्रकृति आधारित समाधान के क्षेत्र में आएंगी। इससे देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में विविधता आएगी और बड़े पैमाने पर लोग कृषि से हटकर ग्रीन सेक्टर के उभरते क्षेत्रों में रोजगार हासिल कर सकेंगे। 

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    ग्रीन इकोनमी पैदा कर सकती है चार करोड़ से ज्यादा नौकरियां (सांकेतिक तस्वीर)

    जागरण रिसर्च, नई दिल्ली। भारत की ग्रीन इकोनमी 2047 तक देश में 48 करोड़ नौकरियां पैदा कर सकती है। इसमें से आधी नौकरियां जैव अर्थव्यवस्था, प्रकृति आधारित समाधान के क्षेत्र में आएंगी। इससे देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में विविधता आएगी और बड़े पैमाने पर लोग कृषि से हटकर ग्रीन सेक्टर के उभरते क्षेत्रों में रोजगार हासिल कर सकेंगे।

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    काउंसिल आन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर (सीईईडब्ल्यू) की रिपोर्ट के मुताविक ग्रीन मार्केट 2047 तक सालाना 360 लाख करोड़ का हो सकता है। आइये जानते हैं कि ग्रीन इकोनमी के किस क्षेत्र में कितनी नौकरियां आएंगी।

    क्या है ग्रीन इकोनमी

    ग्रीन इकोनमी एक आर्थिक तंत्र है जिसका लक्ष्य पर्यावरण और पारिस्थतिकी को होने वाले नुकसान को कम करते हुए लोगों के जीवन को बेहतर बनाना और समावेशी विकास को बढ़ावा देना है।

    • 96,47,050- इलेक्ट्रिक व्हीकल की मैन्यूफैक्चरिंग
    • 72,57,580- रसायन मुक्त खेती और बायो इनपुट
    • 21,57,594- बायो रिसोर्स इंजीनियरिंग से निकलने वाली टेक्नोलाजी
    • 32,98,863- स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन
    • 47,02,345 -कृषि वानिकी एवं सतत वन प्रबंधन
    • 37,01,553- दलदली जमीन का प्रबंधन
    • 14,23,859- अन्य बायो इकोनमी उत्पाद
    • 16,17,815- सतत पर्यटन
    • 18,07,692- औषधीय उत्पाद
    • 76,81,615- सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट
    • 16,51,820- बांस से बने उत्पाद
    • 12,19,944- एनर्जी स्टोरेज टेक्नोलाजी

    सभी आंकड़े करोडों में हैं...