नई दिल्ली, प्रेट्र । सरकार अगले महीने गंगा उत्सव (Ganga Utsav) मनाएगी। इसमें सरकार का ध्यान गंगा नदी के कायाकल्प की दिशा में विभिन्न हितधारकों की भागीदारी और जन-भागीदारी को प्रोत्साहित करने पर होगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

1 से 3 नवंबर तक होगा आयोजन

अधिकारी ने बताया कि यह उत्सव सदियों से नदियों से जुड़ी परंपराओं के साथ संबंध बनाकर उसे फिर से जीवंत करने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संदेश को बढ़ावा देगा और आगे बढ़ाएगा। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के अधिकारी ने कहा, 'इसे ध्यान में रखते हुए एक से तीन नवंबर तक केंद्र और राज्य स्तर पर तैयार किए गए कार्यक्रमों को प्रत्यक्ष एवं आनलाइन माध्यम से आयोजित किया जाएगा।' उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्तर पर कार्यक्रम जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी और जल शक्ति राज्यमंत्री प्रहलाद सिंह पटेल सहित अन्य की मौजूदगी में होगा।

ये होंगे कार्यक्रम 

कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी देते हुए अधिकारी ने कहा कि इनमें प्रसिद्ध हस्तियों द्वारा कहानी प्रस्तुत करने के लिए 'कहानी जंक्शन', गंगा संवाद, ब्लाग लेखन, कचरे से कंचन- प्लास्टिक कचरे के उपयोग पर चर्चा आदि के अलावा अन्य कार्यक्रम शामिल हैं। कार्यक्रम में नेट जियो द्वारा फिल्म 'गंगा : रिवर फ्राम स्काइज' के प्रोमो का शुभारंभ, चाचा चौधरी और गंगा राम कामिक्स का विमोचन, गंगा पर कविताओं के संकलन का विमोचन, गंगा तरंग पोर्टल का शुभारंभ भी शामिल होगा।

उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर 75 विभिन्न स्थानों पर 75 कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। इनमें घाटों पर गंगा दीपोत्सव, प्रदर्शनियां, मेरी गंगा मेरी शान अभियान, गंगा टास्क फोर्स के माध्यम से गंगा मशाल को क्रियान्वित किया जाएगा। साथ ही पेंटिंग प्रतियोगिताएं, पौधारोपण अभियान, रक्तदान शिविर का आयोजन, प्रश्नोत्तरी, गंगा संवाद और हस्ताक्षर अभियान जैसी अन्य गतिविधियां भी होंगी। शहरों में प्रमुख स्थानों पर सेल्फी प्वाइंट और गंगा घाटों पर योग व ध्यान करने की भी सुविधा होगी।

Edited By: Monika Minal