विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

सरकार ने बदल दिया जनगणना का नियम, सरकारी और प्राइवेट क्षेत्र में काम कर रहे इन लोगों को मिली बड़ी जिम्मेदारी

Published: Fri, 16 Oct 2026 06:13 PM (IST)

केंद्र सरकार ने 'जनगणना नियम, 1990' में संशोधन किया है, जिससे जनगणना करने वालों (एन्यूमेरेटर) के दायरे का विस्तार हुआ है।

जनगणना नियमों में बड़ा बदलाव

जनगणना नियमों में बड़ा बदलाव

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 'जनगणना नियम, 1990' में संशोधन किया है। इसके तहत जनगणना करने वालों (एन्यूमेरेटर) के रूप में काम करने के लिए पात्र लोगों के दायरे को बढ़ा दिया गया है।

अब इसमें सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों के शिक्षक, सरकारी अधिकारी और क्लर्क आदि भी शामिल हो गए हैं।

केंद्र सरकार ने जारी की अधिसूचना

गृह मंत्रालय ने 'जनगणना अधिनियम, 1948' की धारा 18(1) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, नए 'जनगणना (संशोधन) नियम, 2026' को अधिसूचित किया है।

अधिसूचना के अनुसार, सरकार, स्थानीय प्राधिकरणों, सहायता प्राप्त या बिना सहायता वाली निजी संस्थाओं, सोसायटियों या ट्रस्टों द्वारा चलाए जा रहे शिक्षण संस्थानों के शिक्षक, जनगणना करने वाले एन्यूमेरेटर के रूप में काम कर सकते हैं।

संशोधित नियमों में केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, स्थानीय प्राधिकरणों और विभिन्न प्रतिष्ठानों के क्लर्क और अन्य अधिकारी भी शामिल हैं। इन प्रतिष्ठानों में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, वैधानिक निकाय, बैंक, कंपनियां, संस्थान, सोसायटियां और ट्रस्ट आते हैं।

राज्य सरकारों को भी छूट

इसके अलावा, ये नियम राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों को यह छूट देते हैं कि वे किसी अन्य उपयुक्त व्यक्ति को भी जनगणना करने वाले एन्यूमेरेटर के रूप में नियुक्त करने पर विचार कर सकते हैं।

इस संशोधन के जरिए 'जनगणना नियम, 1990' के नियम 3 के तहत दी गई तालिका में क्रम संख्या 5 पर मौजूद प्रविष्टियों को बदल दिया गया है, ताकि पात्र श्रेणियों को स्पष्ट किया जा सके। जनगणना (संशोधन) नियम, 2026, आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित होने के तुरंत बाद लागू हो गए हैं।

यह अधिसूचना गृह मंत्रालय के तहत भारत के महापंजीयक और जनगणना आयुक्त, मृत्युंजय कुमार नारायण द्वारा जारी की गई थी।

मूल जनगणना नियम सबसे पहले 31 दिसंबर, 1990 को भारत के राजपत्र में प्रकाशित किए गए थे। इसके बाद 1994, 2009, 2018 और 2022 में जारी अधिसूचनाओं के माध्यम से इनमें संशोधन किया गया है।

(न्यूज एजेंसी ANI के इनपुट के साथ)