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'राष्ट्र-विरोधी सामग्री दिखाने से बचें', सरकार ने टीवी चैनलों को भड़काऊ बहस और AI के गलत इस्तेमाल पर किया अलर्ट

Published: Wed, 21 Oct 2026 06:55 PM (IST)Updated: Wed, 21 Oct 2026 07:14 PM (IST)

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सैटेलाइट टीवी चैनलों को एक एडवायजरी जारी की है। इसमें उन्हें आतंकवाद-रोधी अभियानों की लाइव ...और पढ़ें

राष्ट्र-विरोधी सामग्री दिखाने से बचें।

राष्ट्र-विरोधी सामग्री दिखाने से बचें।

HighLights

  1. मंत्रालय ने सैटेलाइट टीवी चैनलों को एडवायजरी जारी की।

  2. आतंकवाद-रोधी अभियानों की लाइव कवरेज से बचने को कहा।

  3. राष्ट्र-विरोधी सामग्री और हिंसक दृश्यों पर सावधानी बरतें।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने बुधवार को सैटेलाइट टीवी चैनलों के लिए एक एडवायजरी जारी की है। उसमें उनसे कहा गया है कि वे आतंकवाद-रोधी अभियानों की लाइव करवेज से बचें, हिंसक दृश्यों सो दिखाते समय सावधानी बरतें और राष्ट्र-विरोधी सामग्री प्रसारित करने से परहेज करें।

मंत्रालय ने अपनी एडवायजरी में चैनलों से कहा है कि वे केबल टेलीविजन नेटवर्क (रेगुलेशन) एक्ट, 1995 और केबल टेलीविजन नेटवर्क रूल्स, 1994 के तहत तय किए गए प्रोग्राम कोड का सख्ती से पालन करें।

मंत्रालय ने कहा, सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने देखा है कि कई निजी सैटेलाइट टीवी चैनल, 'केबल टेलीविजन नेटवर्क (रेगुलेशन) एक्ट, 1995' और 'केबल टेलीविजन नेटवर्क रूल्स, 1994' के तहत निर्धारित प्रोग्राम कोड के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।

प्रसारित होने वाली सामग्री से जुड़े कानूनी नियमों का सख्ती से पालन करें- मंत्रालय

मंत्रालय ने कहा कि IDC (इंटर-डिपार्टमेंटल कमिटी) की बैठक के दौरान यह देखा गया कि कई चैनलों पर एक ही विषय से जुड़ी खबरें या दृश्य दिखाए जा रहे थे। इसलिए IDC ने सिफारिश की है कि सभी निजी सैटेलाइट टीवी चैनलों को सलाह दी जाए कि वे टेलीविजन पर प्रसारित होने वाली सामग्री से जुड़े कानूनी नियमों का सख्ती से पालन करें। समिति ने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रसारण के दौरान अनुचित व्यवहार या भाषा को सामान्य नहीं माना जाना चाहिए।

आतंकवाद-रोधी अभियानों की लाइव कवरेज से बचें- मंत्रालय

इन दिशानिर्देशों में आतंकवाद-रोधी अभियानों की लाइव कवरेज, हिंसक दृश्य, अपराध की रिपोर्टिंग, प्राकृतिक आपदाएं, भारत के सही नक्शों का इस्तेमाल, सांप्रदायिक सद्भाव और यौन उत्पीड़न के पीड़ितों की पहचान की सुरक्षा जैसे विषय शामिल हैं।

सांप्रदायिक सद्भाव और बहस वाले कार्यक्रमों पर मंत्रालय ने कहा कि चैनलों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लाइव डिबेट और पैनल चर्चा सहित उनके कार्यक्रम सांप्रदायिक या राष्ट्र-विरोधी सोच को बढ़ावा न दें।

AI टूल्स का इस्तेमाल केवल सहायक क्षमता तक ही सीमित होना चाहिए- मंत्रालय

ब्रॉडकास्टर्स को यह भी चेतावनी दी गई है कि वे कार्यक्रमों में एआई, जिसमें जेनरेटिव एआई भी शामिल है, का इस्तेमाल करते समय पूरी सावधानी बरतें। यह बात ग्राफिक्स और वर्चुअल न्यूज प्रजेंटेशन जैसे मामलों पर भी लागू होती है।

मंत्रालय ने कहा कि AI टूल्स का इस्तेमाल केवल सहायक क्षमता तक ही सीमित होना चाहिए, और इसमें समाचार सामग्री की सटीकता, प्रमाणिकता या संवेदनशीलता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। इन दिशा निर्देशों का उल्लंघन करने पर 'केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995' के तहत कार्रवाई की जा सकती है।