जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। आलू की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार सस्ते आयात की अनुमति दे सकती है। आलू आयात शुल्क की दर को घटाकर 10 फीसद करने की तैयारी है। घरेलू आलू के निर्यात को रोकने की कोशिश की जा रही है, जिसके लिए अधिकतम निर्यात मूल्य को बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। आलू पर स्टॉक सीमा भी लगाई जा सकती है।

- आयात शुल्क 20 फीसद से घटाकर 10 फीसद किये जाने की तैयारी

- आलू पर लगेगी स्टॉक सीमा, तय होगा अधिकतम निर्यात मूल्य

आलू की पैदावार में 20 फीसद तक की कमी के मद्देनजर सब्जी बाजार में जमाखोर सक्रिय हो गये हैं। इससे आलू की खुदरा कीमतें 25 रुपये किलो तक पहुंच गई हैं। आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। आलू के सबसे बड़े उत्पादक उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में पैदावार में गिरावट की सूचना से बाजार में आलू के मूल्य में तेजी का रुख बना हुआ है। नया आलू आने में अभी बहुत देर है, जिससे आगामी महीनों में आलू की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

आलू की मांग और आपूर्ति की दशा को देखते हुए सरकार आयात शुल्क को 20 फीसद से घटाकर 10 फीसद करने पर विचार कर रही है। सस्ते आयात का रास्ता खुल जाने से घरेलू बाजार के जमाखोरों पर बाजार में आलू लाने का दबाव बनेगा, जिससे बाजार ढीला हो सकता है। सरकार इसके साथ ही आलू की स्टॉक सीमा भी घोषित कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक महंगाई पर नजर रखने वाली सचिवों की समिति में आलू के मूल्य में आने वाली तेजी को भांपकर ही सरकार ने यह फैसला लेने की सोच रही है।

बागवानी क्षेत्र से जुड़े सूत्रों के मुताबिक बाजार में तेजी का यह रुख आलू की पैदावार में आने वाली गिरावट को देखते हुए बना है। जबकि सचिवों की समिति ने आलू की महंगाई को रोकने के प्रयास शुरु कर दिये हैं। उपभोक्ता मामले मंत्रालय के इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

 

Posted By: Bhupendra Singh

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