नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। किसानों की आय में बढ़ोतरी के लिए सरकार पीएम किसान योजना (PM Kisan Scheme) के सभी लाभार्थियों को निर्धारित समय में किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Card) देने की घोषणा कर सकती है। केसीसी की सुविधा से इन किसानों को भी कृषि कार्य से जुड़े कर्ज आसानी से कम ब्याज दर पर मिलने लगेंगे। केसीसी के तहत कृषि एवं इनसे जुड़े कार्यों पर मिलने वाले तीन लाख रुपये तक के कर्ज पर ब्याज दर में दो फीसद की छूट मिलती है। समय पर कर्ज का भुगतान करने पर ब्याज दरों में अतिरिक्त छूट का भी प्रविधान है।

अभी पीएम-किसान से 11.5 करोड़ किसान जुड़े हुए हैं, लेकिन देश में केसीसी की सुविधा 6.5 करोड़ किसान के पास हैं। मंत्रालय सू्त्रों के मुताबिक बचे हुए 4.5 करोड़ किसानों के पास काफी कम जमीन है। दूसरों की जमीन पर खेती कर गुजारा करने वाले इन किसानों के पास कोई क्रेडिट रिकार्ड नहीं हैं।

पीएम किसान स्कीम के तहत सरकार किसानों के खाते में सीधे तौर पर पैसे देती है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक उनका सारा रिकॉर्ड सरकार के पास पहले से उपलब्ध होने की वजह से बैंकों को इन सभी किसानों को केसीसी देने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। हालांकि पिछले साल भी बैंकों को पीएम-किसान से जुड़े सभी किसानों को केसीसी की सुविधा देने का निर्देश वित्त मंत्रालय की तरफ से दिया गया था। लेकिन सभी किसानों को यह सुविधा नहीं मिल सकी। अब आगामी बजट में सरकार अनिवार्य रूप से एक तय समय में पीएम किसान में शामिल सभी किसानों को केसीसी देने की घोषणा कर सकती है।

सूत्रों के मुताबिक सरकार बजट में इन छोटे व सीमांत किसानों को कृषि के अतिरिक्त अन्य प्रकार के कार्य में मदद के लिए भी फंड की घोषणा कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक इसके तहत किसानों को सस्ती दरों पर एक लाख रुपये तक के कर्ज देने की व्यवस्था हो सकती है। सरकार ने वर्ष वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।

Edited By: Manish Pandey