नई दिल्ली, आइएएनएस। सरकार आयकर अधिनियम के प्रविधानों के तहत अनिवासी भारतीयों (एनआरआइ) और विदेशी आगंतुकों को उनके निवास के दर्जे में रियायत दे सकती है। कोरोना महामारी के मद्देनजर लॉकडाउन के चलते अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा निलंबित होने के कारण इन लोगों को अधिक समय तक भारत में रहने को मजबूर होना पड़ा।

सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) इस संबंध में एक नवीनतम सर्कुलर जारी कर सकता है। इसमें अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा के सामान्य होने तक इन लोगों के भारत में रहने की अवधि को वित्तीय वर्ष 2020-21 और उनके निवास के दर्जे के निर्धारण से बाहर रखा जा सकता है।

सूत्रों ने बताया कि बजट प्रस्तावों में इन उपायों की घोषणा की जा सकती है। इससे एनआरआइ और विदेश की यात्रा करने वाले अन्य लोगों को राहत मिलेगी, जो कोरोना महामारी के चलते 31 मार्च, 2020 के बाद लॉकडाउन के चलते भारत में रहने को मजबूर हुए थे।

मौजूदा नियमों के अनुसार, किसी व्यक्ति को आयकर उद्देश्यों के लिए भारत का निवासी माना जाता है यदि वह वित्तीय वर्ष के दौरान 182 दिनों या उससे अधिक समय के लिए भारत में रहता है या यदि वह भारत में कम से कम 365 दिनों तक रहा हो। 

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