नई दिल्ली, प्रेट्र। सेना की तर्ज पर सीआरपीएफ भी चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में तैनात जवानों के अवकाशों की संख्या बढ़ाने पर विचार कर रहा है। यह खास तौर से देश में आतंकवाद विरोधी और नक्सल विरोधी अभियानों में तैनात जवानों को आराम और तरोताजा बनाने के कदम का हिस्सा है। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

सीएल की संख्या 15 से बढ़ाकर 28 दिन की जा सकती है

अधिकारी ने कहा कि बल अपने जवानों और कमांडिग अधिकारी स्तर तक के अधिकारियों को साल भर में दिए जाने वाले आक्समिक अवकाश (सीएल) की संख्या में 13 दिनों की वृद्धि करना चाहता है। वर्तमान में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों और कमांडिंग अधिकारी स्तर तक अधिकारियों को 60 दिन अर्जित अवकाश (ईएल) और 15 दिनों का सीएल मिलता है।

यह अवकाश जम्मू एवं कश्मीर, नक्सल प्रभावित या पूर्वोत्तर में उग्रवाद विरोधी क्षेत्रों में तैनाती में दिया जाता है। बल अब सीएल की संख्या को बढ़ाकर 28 दिन करने पर विचार कर रहा है।

सेना में सिपाही से लेकर सेना प्रमुख तक को 60 दिनों का ईएल और 28 दिनों का सीएल मिलता है। चाहे वे पीस स्टेशन या संचालन ग्रिड में तैनात रहें उन्हें इतना ही अवकाश मिलता है। अधिकारी ने कहा कि इससे जवान को कर्तव्य निर्वाह के बाद की गतिविधि और अवकाश को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

14 फरवरी को जम्मू एवं कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर हुए आत्मघाती हमले के बाद बल के महानिदेशक (डीजी) आरआर भटनागर दो दिनों के लिए कश्मीर घाटी के दौरे पर गए थे। इस दौरे के बाद जवानों और अधिकारियों ने प्रस्ताव का काफी समर्थन किया।

अधिकारी ने कहा कि तीन लाख से ज्यादा कर्मियों वाले बल के सभी फील्ड कमांडरों अपना विचार व्यक्त करने के लिए कहा है। इसके बाद सीआरपीएफ मंजूरी के लिए प्रस्ताव को गृह मंत्रालय के पास भेजेगा। 

Posted By: Bhupendra Singh

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