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'फिल्मों और OTT कंटेंट की पायरेसी पर तुरंत रोक लगाए टेलीग्राम', केंद्र सरकार ने 15 दिन में मांगी एक्शन रिपोर्ट

Published: Sat, 04 Jul 2026 01:01 PM (IST)Updated: Sat, 04 Jul 2026 01:17 PM (IST)

सरकार ने बड़े पैमाने पर हो रही पायरेसी को लेकर टेलीग्राम को नोटिस जारी किया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ...और पढ़ें

सरकार ने टेलिग्राम को दिया नोटिस।

सरकार ने टेलिग्राम को दिया नोटिस।

HighLights

  1. सरकार ने टेलीग्राम को पायरेसी रोकने के लिए नोटिस जारी किया।

  2. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 15 दिन में कार्रवाई रिपोर्ट मांगी।

  3. यह कदम फिल्म और ओटीटी कंटेंट की सुरक्षा के लिए है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सरकार ने बड़े पैमाने पर हो रही पायरेसी को लेकर टेलीग्राम को नोटिस जारी किया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने टेलीग्राम को निर्देश दिया है कि वह पायरेटेड फिल्मों और ओटीटी कंटेंट के खिलाफ तुरंत कदम उठाए और 15 दिनों के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपे।

सूत्रों के मुताबिक, सरकार का यह कदम भारत की क्रिएटर इकॉनमी, फिल्म इंडस्ट्री, ब्रॉडकास्टर्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म, प्रोड्यूसर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स की सुरक्षा के लिए है। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार का नजरिया अब पायरेटेड कंटेंट को एक-एक करके हटाने के बजाय प्लेटफॉर्म की जवाबदेही तय करने की ओर बढ़ रहा है।

सरकार ने टेलीग्राम से क्या कहा?

पता चला है कि मंत्रालय ने टेलीग्राम से कहा है कि कॉपीराइट का उल्लंघन सिर्फ एक सिविल उल्लंघन नहीं है, बल्कि कॉपीराइट एक्ट, 1957 और सिनेमैटोग्राफ एक्ट, 1952 के तहत एक आपराधिक अपराध भी है। टेलीग्राम को NEET की दोबारा परीक्षा के दौरान पेपर लीक को रोकने के लिए एहतियात के तौर पर जून में भारत में कुछ समय के लिए ब्लॉक किया गया था।

अधिकारियों ने कहा, "मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि टेलीग्राम सिर्फ इस बात का इंतजार नहीं कर सकता कि सरकार एक-एक करके हर पायरेसी चैनल की पहचान करे। सिर्फ प्रतिक्रिया देने वाला और एक-एक करके चैनल हटाने का तरीका आईटी एक्ट, 2000 और आईटी नियम, 2021 के तहत जरूरी सावधानी बरतने (ड्यू डिलिजेंस) को साबित करने के लिए काफी नहीं हो सकता है।"

मेटा को भी जारी किया था नोटिस

टेलीग्राम को यह नोटिस केंद्र सरकार द्वारा मेटा के खिलाफ हाल ही में की गई रेगुलेटरी कार्रवाई के बाद भेजा गया है। बुधवार को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने मेटा को नोटिस जारी करके व्हाट्सऐप पर आने वाले यूजरनेम फीचर के बारे में सवाल पूछा और बाद में उसी हफ्ते बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट को बढ़ावा देने वाले इंस्टाग्राम विज्ञापनों को लेकर कंपनी को तलब करने का फैसला किया।

मंत्रालय ने मांगी शिकायत निवारण तंत्र के बारे में जानकारी

सूत्रों ने बताया कि इस बीच, मंत्रालय ने प्रोड्यूसर्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म और कानून लागू करने वाली एजेंसियों के लिए टेलीग्राम के शिकायत निवारण तंत्र के बारे में भी जानकारी मांगी है। उन्होंने आगे कहा कि टेलीग्राम को याद दिलाया गया है कि एक मध्यस्थ के तौर पर उसे आईटी एक्ट और आईटी नियमों के तहत जरूरी सावधानी बरतनी होगी।

एक अधिकारी ने आगे कहा, "सरकार ने साफ कर दिया है कि पायरेटेड कंटेंट का लगातार उपलब्ध रहना, नियमों का ठीक से पालन न करना या अधूरा जवाब देने पर लागू कानूनी ढांचे के तहत और जांच और कार्रवाई हो सकती है। यह कार्रवाई भारत की क्रिएटर इकोनॉमी, फिल्म इंडस्ट्री, ब्रॉडकास्टर्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म, प्रोड्यूसर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स की सुरक्षा के लिए की गई है।"

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