नई दिल्ली, आइएएनएस। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की और उन्हें जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति सुधारने के लिए कश्मीर प्रशासन और केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी दी। अमित शाह मंगलवार सुबह प्रधानमंत्री के सात, लोक कल्याण मार्ग पर स्थित सरकारी आवास पर पहुंचे और उन्हें कश्मीर की स्थिति से अवगत कराया। दोनों नेताओं ने कश्मीर में आतंकियों द्वारा लक्ष्य बनाकर की जा रही हत्याओं की वजह से उत्पन्न डर के माहौल पर चर्चा की। गृह मंत्री ने इस डर की वजह से घाटी से हो रहे पलायन के बारे में भी प्रधानमंत्री को सूचित किया। बैठक में गृह मंत्री ने प्रधानमंत्री को आंतरिक सुरक्षा से जुड़े अन्य अहम मुद्दों से भी अवगत कराया। याद दिला दें कि पिछले 16 दिनों में आतंकी घाटी में 11 गैर-स्थानीय लोगों की हत्या कर चुके हैं। इस वजह से वहां डर का माहौल है।

इसी क्रम में अमित शाह 23 से 25 अक्टूबर तक जम्मू-कश्मीर का दौरा करेंगे और वहां की सुरक्षा स्थिति पर महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक करेंगे। अनुच्छेद-370 हटाए जाने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री का यह पहला कश्मीर दौरा होगा। इस दौरान गृह मंत्री न सिर्फ सुरक्षा बलों को सुरक्षा स्थिति सुधारने के टिप्स देंगे बल्कि विकास परियोजनाओं से जुड़ी विभिन्न घोषणाएं भी करेंगे। मालूम हो कि सोमवार को शाह ने पुलिस महानिदेशकों, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और खुफिया ब्यूरो प्रमुख समेत वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक की थी और आंतरिक सुरक्षा के हालात पर विस्तार से विचार-विमर्श किया था।

एनआइए संभाल सकती है कश्मीर में हाल में हुई हत्याओं की जांच

इस बीच, सूत्रों ने जानकारी दी है कि कश्मीर में हाल में हुई लोगों की हत्याओं की जांच गृह मंत्रालय राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) को सौंप सकता है। उनका कहना है कि इन हत्याओं में एक निश्चित पैटर्न का संकेत मिलता है जो आतंकी एंगिल की ओर इशारा करता है। इस मसले पर सोमवार को राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीतिक सम्मेलन में गहन चर्चा हुई और गृह मंत्री ने सभी पक्षों से इस बारे में विस्तार से बातचीत की। एक अन्य सरकारी सूत्र ने बताया कि कश्मीर में नागरिकों की हत्या से गलत संकेत गया है और ज्यादातर प्रवासी मजदूर व गैर-कश्मीर वहां से पलायन कर रहे हैं जिससे स्थानीय लोगों में भी भय का वातावरण है। इन घटनाओं से कश्मीरी पंडित भी डर गए हैं जो सरकारी पहल के बाद कश्मीर लौटने के इच्छुक थे।

इस बीच, स्थानीय एनआइए टीम पहले से ही हत्याओं की जांच में जम्मू-कश्मीर पुलिस की मदद कर रही है और इन हत्याओं के साजिशकर्ताओं की पहचान करने की कोशिश कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय एजेंसियां पत्थरबाजों के पुराने केसों को भी खंगालने में जुटी हैं क्योंकि लक्ष्य बनाकर की गई इन हत्याओं से पता चला है कि ये हत्यारे आतंकी कैडर के नहीं हैं।

सोमवार को एनआइए महानिदेशक कुलदीप सिंह ने कश्मीर का किया था दौरा

वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि जांच एजेंसी कश्मीरी पंडित फार्मास्यूटिकल डीलर माखन लाल बिंद्रू, बिहार के गैर-कश्मीरी विक्रेता वीरेंद्र पासवान और अन्य मजदूरों के मामले अपने हाथ में लेगी। सोमवार को एनआइए महानिदेशक कुलदीप सिंह ने कश्मीर का दौरा किया था और सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की थी। कुलदीप सिंह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के भी महानिदेशक हैं जो घाटी में आतंक रोधी अभियान में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बल को निर्देश दिया कि वह घाटी में आतंकी संगठनों के खिलाफ अभियान की नए सिरे से रणनीति बनाए।

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Edited By: Dhyanendra Singh Chauhan