जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। देश में वायु प्रदूषण को लेकर गंभीर होती समस्या से निपटने के लिए सरकार आने वाले बजट में कुछ बडा ऐलान कर सकती है। खासकर देश के उन 102 शहरों के लिए वह कोई नई योजना ला सकती है, जो मौजूदा समय में प्रदूषण की सबसे ज्यादा गिरफ्त में है। फिलहाल इन सभी शहरों को पर्यावरण मंत्रालय ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु मिशन कार्यक्रम से जोड़ कर रखा है, लेकिन प्रदूषण की लगातार खतरनाक होती स्थिति को देखते हुए इसे लेकर कुछ बड़े कदम उठाने जरूरी है। ऐसे में सरकार इसे लेकर कोई बड़ी योजना ला सकती है।

वैसे भी दिल्ली-एनसीआर में हर साल प्रदूषण को लेकर जो स्थिति पैदा हो रही है, उसमें इस समस्या को पूरी तरह से खत्म करना जरूरी हो गया है। हालांकि पिछले सालों में सरकार ने इस समस्या को पहचानते हुए इस दिशा में कुछ कदम उठाए है, जिससे प्रदूषण से रोकथाम को लेकर जागरूकता आयी है। साथ ही में इनमें कुछ कमी भी दर्ज हुई है, लेकिन जिस रफ्तार से प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है, उससे दोगुने रफ्तार से इसे रोकने की जरूरत है। वैसे भी इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट की दखल के बाद सरकार भी सतर्क है।

दिल्ली सहित देश में बढ़ते प्रदूषण को लेकर अध्ययन करने वाले एक अमेरिकी वैज्ञानिक ने भी पिछले दिनों इसे लेकर कुछ बड़े कदम उठाने की जरूरत बताई थी। साथ ही मौजूदा प्रयासों को नाकाफी भी बताया था। जिसमें पराली संकट से निपटने के लिए दिया गया पैकेज भी शामिल है। सरकार ने 2018-19 का बजट पेश करते हुए इसका ऐलान किया है। इसके तहत 1151 करोड़ रुपए जारी किए गए थे, जिसमें वर्ष 2018-19 के लिए करीब 591 करोड़ और 2019-20 के लिए करीब 560 करोड़ रुपए दिए गए थे।

बावजूद इसके समस्या जस की तस बनी हुई है। इस साल भी बड़े पैमाने पर पराली जलाने की घटनाएं रिपोर्ट हुई है। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट भारी नाखुशी भी जता चुका है। वायु प्रदूषण का विषय सरकार के लिए इसलिए भी चिंता का विषय है, क्योंकि इससे लोगों के स्वास्थ्य पर खराब असर पड़ है। डब्यूएचओ ने भी अपनी रिपोर्ट में इसे लेकर चिंता जताई है। गौरतलब है कि देश के सबसे ज्यादा प्रदूषित इन 102 शहरों में सभी बडे़ और प्रमुख शहर शामिल है।

Posted By: Sanjeev Tiwari

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