नई दिल्ली, एजेंसी। देश को कोरोना वायरस के खिलाफ सतर्कता डोज के रूप में एक और वैक्सीन मिल गई है। सरकार ने बुधवार को वायोलाजिकल ई की कोरोना रोधी वैक्सीन कोर्बेवैक्स को सतर्कता डोज के रूप में लगाने की मंजूरी दे दी। सबसे बड़ी बात यह है कि कोर्बेवैक्स प्राथमिक डोज में दी गई वैक्सीन से अलग होगी। अभी यह वैक्सीन केवल 12-14 साल के बच्चों को प्राथमिक डोज के रूप में लगाई जा रही है।

इन लोगों को लगाई जाएगी सतर्कता डोज

सरकार की मंजूरी के बाद अब 18 साल से अधिक उम्र के उन सभी लोगों को यह सतर्कता डोज के रूप में लगाई जाएगी, जिन्होंने कम से कम छह महीने पहले कोविशील्ड या कोवैक्सीन की दोनों डोज ले ली हो। दूसरी डोज के छह महीने बाद ही सतर्कता डोज लगाने की अनुमति है। सूत्रों ने बताया कि पहले की तरह कोविशील्ड और कोवैक्सीन सतर्कता डोज के रूप में लगाई जाती रहेंगी।

प्राथमिक डोज से अलग होगी सतर्कता डोज

मालूम हो कि, दोनों वैक्सीन उन्हीं लोगों को सतर्कता डोज के रूप में दी जाती है, जिन्होंने इसकी प्राथमिक डोज लगवाई हो। कोर्बेवैक्स के साथ यह होगा कि यह कोविशील्ड और कोवैक्सीन लेने वालों को भी सतर्कता डोज के रूप में लगाई जाएगी। इस तरह प्राथमिक डोज से अलग सतर्कता डोज के रूप में लगाई जाने वाली यह देश की पहली वैक्सीन होगी।

कई वैक्सीन को मिली है इस्तेमाल की मंजूरी

कोरोना महामारी से लाखों लोग जान गवां चुके हैं। सरकार लोगों को महामारी से बचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। केंद्र ने इससे पहले कोविशील्ड और कोवैक्सीन के इस्तेमाल को मंजूरी दी थी,  जिसके बाद पूरे देश में बड़े पैमाने पर लोगों को वैक्सीन का डोज लगाया गया। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने हाल ही में नोवावैक्स कोरोना वैक्सीन को इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी थी। ये वैक्सीन 12 से 17 साल के बच्चों को लगाई जाएगी।

Edited By: Sonu Gupta