गढ़चिरौली (जेएनएन)। महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित इलाके के युवा छात्र को गूगल-युडासिटी स्कॉलरशिप कार्यक्रम के लिए चुना गया है। स्वप्निल ने युडासिटी में मुफ्त एंड्रॉइड बेसिक्स कोर्स में नामांकन कराया था। युवा डेवलपर स्वप्लिन गढ़चिरौली से आते हैं, जो महाराष्ट्र में एक छोटा एवं अविकसित नक्सली प्रभावित जिला है।

स्वप्निल जब चौथी कक्षा में थे, तब उन्होंने पहली बार कंप्यूटर देखा था और देखते ही वह कंप्यूटर की ओर आकर्षित हो गए थे। हालांकि तब उन्हें वह ऑपरेट करना नहीं आता था। बाद में उन्होंने अपने चाचा की दुकान पर टाइपिंग सीखना शुरू किया। अपने शिक्षकों से सलाह-मशविरा लिया। शिक्षकों ने बताया कि कंप्यूटर चलाने के लिए इंजीनियर बनना होगा। इसके बाद स्वप्निल की कंप्यूटर एवं वेब डेवलपमेंट में रुचि और गहरी होती चली गई।

10वीं के बाद इन्होंने ब्रह्मापुरी स्थित सरकारी पॉलिटेक्निक से डिप्लोमा किया और फिर गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज से इंजीनियरिंग। उसके बाद इन्होंने युडासिटी के फ्री एंड्राइड बेसिक कोर्स में नामांकन कराया। फिर गूगल की ओर से स्कॉलरशिप ऑफर करता हुआ एक मेल आया और इन्होंने मोबाइल स्पेशलिस्ट कोर्स के लिए अप्लाई कर दिया।

ऑनलाइन वीडियो देख सीखा
वेब डेवलपमेंट भारत के एंड्राइड डेवलपर्स के लिए तैयार किए गए गूगल-युडासिटी स्कॉलरशिप प्रोग्राम के अंतर्गत स्वप्निल को पहले चरण में ही चुन लिया गया। इस समय वे एंगुलरजेएस एप्लिकेशन पर काम कर रहे हैं। 27 वर्षीय स्वप्निल बताते हैं, ‘गांव में कोई इंटरनेट कनेक्शन नहीं है। नक्सली सभी टावर्स जला दिया करते थे। लेकिन युडासिटी जैसे प्राइवेट प्लेयर्स के आने से हम जैसे स्टूडेंट्स को काफी मदद मिली।' स्वप्निल ने ऑनलाइन वीडियो देखकर ही वेब डेवलपमेंट सीखा। स्कॉलरशिप भी उसी जरिये से मिली। यह उड़ने के लिए पंख मिलने की तरह था! इससे उन्हें बेहतर लीडर और एंड्रॉयड डेवलपर बनने में मदद मिली है। वे अपने जीवन को बदलना चाहते थे। उसी कारण आगे बढ़ते गए।

युवाओं से कहा 
वे कहते हैं, ‘युवा लोगों से आग्रह करना चाहता हूं कि यदि आप सीखना चाहते हैं, तो कुछ भी आपको रोक नहीं सकता है। मैं अपने युडासिटी के मेंटर्स और प्रशिक्षकों का मुझे दिए गए अविश्वसनीय समर्थन के लिए शुक्रिया अदा करना चाहता हूं, जिन्होंने अपने डेवलपर कौशल को तेज करने और उत्कृष्टता प्राप्त करने में मेरी मदद की।'

Posted By: Nancy Bajpai