नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। यौन दु‌र्व्यवहार से जुड़े पोस्ट के गूगल के सर्च इंजन पर मौजूद होने और उसे हटाने की प्रसिद्ध कलाकार सुबोध गुप्ता की मांग पर गूगल ने अभिव्यक्ति की आजादी की दुहाई दी है। उसने कहा कि इससे अभिव्यक्ति की आजादी प्रभावित होगी। इस पर न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडला की पीठ ने सुबोध गुप्ता से जवाब मांगा है।                                      

सुबोध गुप्ता ने मानहानि याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि फेसबुक पर उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न करने के संबंध में पोस्ट किए गए हैं। इससे जुड़े यूआरएल गूगल सर्च इंजन पर भी मौजूद हैं। उन्होंने दावा कि सोशल मीडिया पर बने एकाउंट के जरिए उन पर झूठे आरोप लगाए गए हैं।                                      

इस पर हाई कोर्ट ने गूगल को उनके खिलाफ यौन दु‌र्व्यवहार से जुड़े पोस्ट को हटाने का आदेश दिया था। अधिवक्ता नील मेसन और विहान डांग के माध्यम से दायर आवेदन में गूगल ने हाई कोर्ट से पूर्व में दिए आदेशों में बदलाव करने की मांग की। उसने कहा कि इससे अभिव्यक्ति की आजादी प्रभावित होगी।                       

दिल्ली उच्च न्यायालय 18 नवंबर को मामले की अगली सुनवाई करेगा। जहां इंस्टाग्राम हैंडल और अन्य लोगों के खिलाफ मानहानि के मुकदमे में कार्यवाही की जाएगी। गुप्ता ने मानहानि करने वाले पोस्ट को लेकर उनके और उनके परिवार को हुई परेशानि के लिए 5 करोड़ रुपये की मांग की है।

Posted By: Manish Pandey

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