अटारी, [अशोक नीर]। पाकिस्तान स्थित बलूचिस्तान के सिब्बी में रहने वाले दो हिंदू परिवार सोमवार को पाकिस्तान को अलविदा कह भारत आ गए। एक परिवार के मुखिया मुकेश आहूजा ने बताया कि पाकिस्तान में हिंदुओं पर इतने अत्याचार हो रहे हैं कि उन्हें अपने पूर्वजों का घर भी बेचना पड़ा। कारोबार बंद किए हुए एक साल हो गया। दुकान पर पहले ही हथियारबंदों ने कब्जा कर लिया। लड़कियों का अपहरण कर जबरन धर्म परिवर्तन करवाया जाता है। हिंदुओं का जीना मुहाल हो गया है।

फिरौती न देने पर मार डाला

मुकेश ने बताया कि वहां की पुलिस भी अल्पसंख्यकों की दुश्मन है। उनकी दुकानें व मकान लूटे जा रहे हैं। पुलिस किसी हमलावर को गिरफ्तार नहीं करती। अब भारत में ही रहना है। पाकिस्तान में दिनदहाड़े एके-47 के साथ मोटरसाइकिल सवार दुकान में घुस आते हैं और हिंदू दुकानदारों के गल्लों से सबकुछ ले जाते हैं। ढाई महीने पहले उनके ही एक परिवार के सदस्य रवि को हथियारबंद कंट्टरपंथी उठा कर ले गए। दो बच्चों के पिता रवि की रिहाई के लिए एक करोड़ रुपये मांगे। पैसे नहीं दिए तो रवि को मारकर लाश घर के बाहर फेंक दी। मुकेश कहते हैं कि यदि भारत पाकिस्तानी हिंदुओं को वीजा की सुविधा दे तो सारे हिंदू यहां आ जाएं। मुकेश की पत्नी सुमन, बेटी प्रियंजल, बेटा शिव व श्वेत भी दहशतजदा हैं।

हिंदू छात्रों का नहीं रखते ख्याल

चौथी कक्षा की छात्रा प्रियंजल ने बताया कि स्कूल के अध्यापक भी हिंदू बच्चों पर ध्यान नहीं देते। कक्षा में उसे डरकर बैठना पड़ता। सातवीं कक्षा का श्वेत कहता है कि वह सहपाठियों से डरता था। मुकेश के चाचा का लड़का इंदौर में रहता है। उसी की सहायता से भारत का वीजा मिला। मुकेश ने बताया कि पाकिस्तान के वाघा रेलवे स्टेशन पर पाकिस्तानी हिंदुओं से लिखवाया जा रहा है कि उन्हें पाकिस्तान से कोई शिकायत नहंीं है। टूर वीजा पर जा रहे हैं, वापस लौट आएंगे। यदि इन दस्तावेजों पर वह हस्ताक्षर न करते तो शायद उन्हें वही रोक लिया जाता। एक अन्य हिंदू परिवार का मुखिया वासुदेव पत्नी व बच्चों सहित भारत पहुंचा। इस परिवार ने बोलने का साहस तक नहीं जुटाया। बस इतना ही कहा, पाकिस्तान से उन्हें कोई शिकायत नहीं है।

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