गोवा मतदाता सूची विवाद: 97 मतदाताओं के नाम अनजाने में ईआरओ से हटे, जांच में नहीं पाई गई ECI-Net सॉफ्टवेयर की गड़बड़ी
गोवा में 97 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने को लेकर हुए विवाद में चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि ये गलतियां अनजाने में ईआरओ द्वारा हुई थीं।

ईआरओ द्वारा हुईं गलतियों की वजह से कटा 97 लोगों का नाम
HighLights
गोवा में 97 मतदाताओं के नाम हटाने में ईआरओ से हुई गलतियां।
ईसीआई नेट का उद्देश्य मतदाता पंजीयन प्रक्रिया को आसान बनाना है।
88 पात्र मतदाताओं ने फॉर्म-6 फिर से जमा किए हैं।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। गोवा के जिन 97 मतदाताओं के नाम एसआइआर के दौरान मतदाता सूची से हटाने को लेकर विवाद खड़ा हुआ है, दरअसल ड्राफ्ट सूची से इन नामों को संदेह के आधार पर ईआरओ ( मतदाता पंजीयन अधिकारी) ने ही हटाए थे।
हालांकि बाद में जैसे ही उन्हें अपनी गलती का पता चला, तो वह उसे ठीक करना चाहते थे, लेकिन नियमों के तहत ईसीआई नेट पर वह एक बार ही अपना फैसला दर्ज सकते थे। एक प्रयास के बाद उसी स्तर स्तर पर दोबारा संशोधन नहीं किया जा सकता है क्योंकि सुरक्षा कारणों से सिस्टम लॉक हो जाता है। ताकि बार बार नाम जोड़ने और हटाने का खेल न शुरू हो जाए।
ऐसे मामलों में मतदाता रिटर्निंग आफीसर यानी जिला मजिस्ट्रेट के पास भी चुनौती दे सकते है और वह उस गलती को ठीक कर सकते है।
आयोग ने इस बीच मामले पर अपनी पूरी पड़ताल के बाद साफ किया है कि ईसीआईनेट एप या सॉफ्टवेयर का उद्देश्य किसी मतदाता को सूची से बाहर करना नहीं है बल्कि सभी पात्र मतदाता के पंजीयन व मतदाता सूची में जोड़ने की प्रक्रिया को आसान बनाना है।
ईसीआईनेट में ईआरओ के लिए ये व्यवस्था है कि वह अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले नियम और निर्देशों के अनुसार किसी मतदाता का नाम जोड़ या बाहर कर सकते है।गोवा के 97 मामलों में ईआरओ से ही अनजाने में गलतियां हुई थीं। यह ईसीआई नेट या सॉफ्टवेयर द्वारा किसी पात्र मतदाता को सूची से बाहर करने का मामला बिल्कुल नहीं था।
इस बीच गोवा के इन सभी 97 लोगों की जांच में पाया गया है कि इनमें तीन मतदाता पुर्तगाली है,वहीं पात्र पाए गए 88 मतदाताओं के फिर से फॉर्म-6 जमा कराए गए है,जबकि छह अन्य लोग मौजूदा समय में देश से बाहर है।
