'कोई भी पात्र मतदाता नहीं छूटेगा', गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने 97 गायब मतदाताओं को लेकर दी बड़ी सफाई
गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने गुरुवार को फरवरी 2026 में प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं ...और पढ़ें

गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने 97 गायब मतदाताओं को लेकर दी बड़ी सफाई (सांकेतिक तस्वीर)
HighLights
देशभर में विपक्षी दलों ने एसआईआर प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की है
सीईओ कार्यालय ने कहा कि इन मामलों को बाद में घर-घर जाकर प्रोसेस किया गया
डिजिटल डेस्क, पणजी। देश में इन दिनों एसआईआर का मुद्दा काफी गरम है। इस बीच गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने गुरुवार को फरवरी 2026 में प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं किए गए 97 मतदाताओं को लेकर उठे विवाद पर स्पष्टीकरण दिया है।
सीईओ कार्यालय ने कहा कि इन मामलों को बाद में घर-घर जाकर प्रोसेस किया गया और कई मतदाताओं का नाम अब सूची में शामिल कर लिया गया है।
एक्स पर जारी प्रेस नोट में सीईओ कार्यालय ने बताया कि ये 97 मामले बीएलओ द्वारा फॉर्म-6 (मतदाता सूची में नाम शामिल करने का आवेदन) को पूरा करने के लिए अलग से प्रोसेस किए गए।
कार्यालय ने कहा कि कई लोगों का नाम अब शामिल कर लिया गया है, जबकि बाकी मामलों पर कार्रवाई चल रही है। कोई भी पात्र मतदाता नहीं छूटेगा।
गोवा में विपक्ष ने बृहस्पतिवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जरिये आगामी चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया और इस प्रक्रिया को वापस लेने की मांग की।
क्या था विवाद
गोवा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान ये 97 मतदाता 'लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी' ( पुराने डेटा का सटीक मिलान न होना है) के कारण चिन्हित किए गए थे। इनमें पुरानी मतदाता सूचियों में माता-पिता या दादा-दादी से लिंक करने में असंगति जैसी समस्याएं शामिल थीं। प्रभावित मतदाताओं को दस्तावेज और आपत्तियां पेश करने का मौका दिया गया।
गोवा में 649 मतदाता आगे आए। निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) और सहायक ईआरओ ने मामलों की जांच की और पाया कि 97 मामलों में पहले लिए गए फैसले को पलटना जरूरी है और ये मतदाता शामिल होने के पात्र हैं। हालांकि, 21 फरवरी 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में इन 97 नामों को शामिल नहीं किया गया।
देशभर में विपक्षी दलों ने एसआईआर प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की है और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा है। विपक्षी दलों ने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक खबर का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि वह निर्वाचन आयोग का संचालन ‘एक व्यक्ति के निरंकुश शासन’ की तरह कर रहे हैं और उन्होंने उनके खिलाफ महाभियोग चलाने तथा गिरफ्तारी की मांग की है।
