भोपाल, जेएनएन। यदि आप कोरोना से संक्रमित हो गए हैं तो रिपोर्ट निगेटिव आने के कम से कम चार हफ्ते बाद ही पहला टीका लगवाएं। इसके पहले टीका लगवाने से हो सकता है पूरा फायदा न मिले। इसी तरह पहला डोज लगवाने के बाद संक्रमित हो गए हैं तो दूसरा डोज ठीक होने के एक माह बाद ही लगवाएं। दूसरा डोज ही इम्युनिटी बूस्टर का काम करेगा। यह कहना है एम्स भोपाल के निदेशक और देश के जाने-माने वायरोलॉजिस्ट डॉ. सरमन सिंह का।

सागर विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित एक कार्यशाला में उन्होंने कहा कि टीकाकरण को लेकर लोगों में बहुत भ्रांतियां हैं, लेकिन अभी तक यह सामने आया है कि जिन लोगों ने दो डोज लगवाए हैं, उनमें बीमारी गंभीर नहीं हुई है। मौत के मामले तो न के बराबर हैं। यह पहले से ही सामने आ चुका है कि टीका लगवाने के बाद भी करीब 30 फीसद लोगों को संक्रमण हो सकता है, लेकिन यह मामूली ही होगा। जिस कंपनी का पहला टीका लगा है, दूसरा भी उसी का लगवाना जरूरी है।

एम्स भोपाल के निदेशक से सीधी बात

क्या गर्भवती और दूध पिलाने वाली महिलाएं टीका लगवा सकती हैं?

दूध पिलाने वाली महिलाएं बिल्कुल टीका लगवा सकती हैं, लेकिन गर्भवती महिलाओं को टीका लगवाने की अभी तक कोई गाइडलाइन नहीं आई है, इसलिए अभी उन्हें टीका लगवाने की सलाह नहीं दी जा रही है।

टीबी, एचआइवी और अन्य ऐसी बीमारियां जिनमें प्रतिरोधक क्षमता कम रहती है, ऐसे मरीजों को वैक्सीन लगवाना चाहिए या नहीं?

टीबी मरीजों को टीका लगवाने का फायदा है। एचआइवी संक्रमितों को टीका लगाने से फायदा होगा या नहीं, अभी साफ नहीं है लेकिन इतना जरूर है कि उन्हें कोई नुकसान नहीं होगा।

क्या माहवारी के दौरान महिलाओं को टीका लगवाना चाहिए?

बिल्कुल लगवाना चाहिए। यह गलत धारणा बन गई है कि इस दौरान प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, इसलिए टीका नहीं लगवाना चाहिए।

18 साल से कम उम्र के लोगों के लिए टीका कब तक तैयार हो पाएगा?

इसके लिए दुनिया भर में रिसर्च चल रही है, लेकिन अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।

स्पूतनिक के अलावा कोई और वैक्सीन आने वाली है क्या?

कुछ अन्य देशों में बनी वैक्सीन भी आ सकती है, लेकिन इनका भंडारण माइनस 20 से माइनस 70 डिग्री के बीच ही होगा। ऐसे में हो सकता है कि सरकार के कार्यक्रम में यह वैक्सीन न आए, लेकिन निजी अस्पतालों में उपलब्ध हो सकती है।

Edited By: Neel Rajput